राजस्थानी प्रेम कहानी : ढोला मारू

राजस्थान की लोक कथाओं में बहुत सी प्रेम कथाएँ प्रचलित है पर इन सबमे ढोला मारू प्रेम गाथा विशेष लोकप्रिय रही है .

जहाँ मन्नत मांगी जाती है मोटरसाईकिल से !

मै यहाँ एक ऐसे स्थान की चर्चा करने जा रहा हूँ जहाँ इन्सान की मौत के बाद उसकी पूजा के साथ ही साथ उसकी बुलेट मोटर साईकिल की भी पूजा होती है.

"एलोवेरा " ब्लॉग ट्रैफिक के लिए भी है खुराक

एलोवेरा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ ब्लॉग के लिए भी एक बढ़िया टॉनिक है , एक बढ़िया की-वर्ड जो गूगल से आसानी से पाठक झटक कर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ा सकता है |.

"उबुन्टू लिनक्स" इसका नाम तो बाली होना चाहिए था

उबुन्टू की इस तेज गति से नेट चलाने का कारण पूछने पर हमारे मित्र भी मौज लेते हुए बताते है कि जिस तरह से रामायण के पात्र बाली के सामने किसी भी योद्धा के आने के बाद उसकी आधी शक्ति बाली में आ जाती थी.

क्रांतिवीर : बलजी-भूरजी शेखावत

आज भी बलजी को नींद नहीं आ रही थी वे आधी रात तक इन्ही फिरंगियों व राजस्थान के सेठ साहूकारों द्वारा गरीबों से सूद वसूली पर सोचते हुए चिंतित थे तभी उन्हें अपने छोटे भाई भूरजी की आवाज सुनाई दी |.

ज्ञान दर्पण के लेख इन्टरनेट पर दुबारा कहीं भी प्रकाशित करना सख्त मना है| पर प्रिंट मिडिया में नाम सहित छापने की खुली छूट है|

Feb 1, 2012

रामा-रामा कैसा ये गजब हो गया : कुं.अमित सिंह

रामा-रामा कैसा ये गजब हो गया,
आजकल का रंग -ढंग कैसा अजब हो गया|

जो वस्त्र होता था नीचा वो ऊँचा ,
और जो होना था ऊँचा वो नीचा हो गया|
...
जब तक "जोकी" लिखा न दिखे ,इनको आता चैन नहीं
अगर करे कोई टोका-टोकी होता इनको सहन नहीं
कन्यायें भी त्याग रही पहनावे के सरे संस्कार
टॉप हो रहा ऊँचा -ऊँचा,भूल गयी सूट-सलवार|

अब हम भी क्या कहें,कई माँ-बाप ही देते हैं उनका साथ,
फैशन करने में वो भी आगे हैं उनसे दो हाथ|

माँ ये सोचे,समझें सब उसको बेटी की बहन,
बाप को भी बेटी की सहेली का अंकल कहना नहीं सहन|

हे मेरे मालिक तुमने "अमित" के साथ ये क्या गजब किया
क्या मैं इसके लायक था, जो मुझे ये सब देखने भेज दिया|

मेरे भाइयो और बहनों न भूलो अपना सनातन इतिहास
आधुनिक बनो पर ऐसे कि कोई उड़ा न सके आपका उपहास||

''जय श्री राम''
AMIT KUMAR SINGH

Jan 31, 2012

आधुनिक भारत : कुं. अमित सिंह

"गेट्स-बी" का हेयर जैल, और "जिलेट" का हो शेव जैल
"फा" का हो आफ्टर शेव और "रे -बैन" का हो गोगल|

"जोकी" का होना चाहिए अंडरवियर और बनियान
"नाईक" के हों जूते,और मोज़े भी उसी के श्रीमान
"लेविस" की हो जींस, और "पीटर इंग्लॅण्ड" की कमीज
"हाय बड्डी-वाज़ -अप", वाली होनी चाहिए आपमें तमीज|

"मेक-डोनाल्ड" वाला पिज्जा,और हो "हेवर्ड्स" की बियर
लाज हया शर्म हो न किसी की,बस बोलें "जस्ट-चीयर"
लड़का हो या हो लड़की,ना मानें किसी का भी फियर
माँ-बाप को भी बुलाएँ कहकर "यार" कम ऑन डियर|

अगर आप कर सकते हो ये सब मेरी सरकार
तभी माना जाएगा आपको "आधुनिक" मेरे यार
ना करो किसी से शर्म, ना सीखो कोई भी संस्कार
बस करले "अमित" इन सब "ब्रांडेड" चीजों से प्यार|

यही रह गयी है बस आधुनिकता की पहचान
ऐसे ही बन जाएगा "मेरा भारत महान"
जय जय हो मेरे भारत के नौजवान||
AMIT KUMAR SINGH

Jan 22, 2012

कुछ काम भी तो नहीं करती !


कुछ जरुरी काम हैं , बहुत जरुरी काम हैं
ना जाने कितने समारोह छोड़ दिए थे मैंने
यही कह कहकर कि काम है
बहनों की शादी हो या भाइयो की सगाई
बस एक दिन पहले ही पहुंच पाती हूँ
कैसे पहुँचती काम ही जो इतना होता हैं
कई बार मन करता हैं , सखियों से घंटो बतियाऊ
पर नहीं हो पाता ...मन मारना पड़ता है
क्योंकि काम बहुत होता हैं
याद भी नहीं न जाने कितनी गर्मियां निकल गई
और न जाने कितने इतवार पर मुझे छुट्टी नहीं मिली
कैसे मिलती ? काम ही जो इतना होता हैं
अब कैसे समझाऊ की कितना काम होता हैं
काम ही कर रही थी ना मैं
जब उस घनघनाती घंटी ने बताया कि
एक दुर्घटना ने मुझ से सुहागन होने का हक छीन लिया हैं
सफ़ेद चादर में लिपटे अपने पिता को देख सहम ना जाये
बच्चो को खुद से लिपेटे खड़ी थी मैं
जाने अनजाने कुछ चहेरो की भीड़ में से तभी
किसी ने फुसफुसाया
क्या करेगी बेचारी अब ,कैसे चलेगा इसका संसार
''कुछ काम भी तो नहीं करती !''
केसर क्यारी....उषा राठौड़

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