दाहिमा राजवंश का इतिहास। कौन थे दाहिमा क्षत्रिय ?
8:47 am
दाहिमा गोत्र- गार्गेय, वेद-यजुर्वेद, सूत्र - पारस्कर गृह्यसूत्र, प्रवर- पौलस्त्य, विश्वश्रवस, दंभोली, शाखा - वाजसनेयी,…
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8:51 pm
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8:47 am
दाहिमा गोत्र- गार्गेय, वेद-यजुर्वेद, सूत्र - पारस्कर गृह्यसूत्र, प्रवर- पौलस्त्य, विश्वश्रवस, दंभोली, शाखा - वाजसनेयी,…
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10:32 am
महाराणा रायमल ने 50000 रुपये वार्षिक आय का भेंसरोड़ का परगना राणा मोकल के पोते सूरजमल को जागीर में दिया। राजकुमार पृथ्…
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11:03 am
मेवाड़ के महाराणा रायमल जी के 14 पुत्रों में ज्येष्ठ थे राजकुमार पृथ्वीराज, जो संग्राम सिंह यानी राणा सांगा के बड़े भाई …
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10:44 am
अल्लाउदीन खिलजी द्वारा निष्काषित करने के बाद अन्हलवाड़ा के प्रसिद्ध बलहरा राजवंश के सोलंकी मध्य भारत में आ गए और उन्होंन…
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7:53 pm
जयपुर जिले में जोबनेर से लगभग 7 कि.मी. पहले कालख का किला विद्यमान है। जयपुर रियासत के अन्तर्गत कालख कछवाहों की खंगारोत …
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7:25 am
History of Karkeri Fort : करकेड़ी का किला एक पहाड़ी बना है, जो किशनगढ़ से लगभग 33 किलोमीटर दूर परबतसर पुष्कर मार्ग पर स्थि…
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8:32 am
आप जो ये चित्र देख रहे हैं वो रियासती काल में अपने देश, धर्म और संस्कृति के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले एक योद्धा क…