मंदिरों में दलित प्रवेश रोकने का आरोप लगाने वालों के मुंह पर तमाचा

मंदिरों में दलित प्रवेश की ख़बरें अक्सर अख़बारों व टीवी मीडिया में सुर्खियाँ बनती है| पर वर्तमान में हकीकत कुछ और ही है| यदि हम मंदिरों में दलित प्रवेश का जायजा लें तो लगता है कि ये ख़बरें किसी ख़ास उद्देश्य के लिए जानबूझकर बनाई जाती है और प्रचारित की जाती है| इसी तरह की […]

दलित उत्थान को सही दिशा दें क्षत्रिय

दलित उत्थान को सही दिशा दें क्षत्रिय

स्व.आयुवानसिंह जी ने अपनी पुस्तक राजपूत और भविष्य में भविष्यवाणी की थी कि – “भावी युग श्रमजीवी ( दलित ) जातियों के अभ्युत्थान का युग होगा। भारत में अब तक श्रमजीवियों की उन्नति का रूप सामूहिक न होकर व्यक्तिक ही हुआ है। शूद्रों में जो व्यक्ति महान और उच्च होते थे उन्हें उपाधियों आदि से […]

सदियों पहले इस सामंत ने दिया था दलितों को संरक्षण, दलित आज भी मानते है उसे अपना ईष्टदेव

सदियों पहले इस सामंत ने दिया था दलितों को संरक्षण, दलित आज भी मानते है उसे अपना ईष्टदेव

देश में सत्ता हस्तांतरण जिसे लोग आजादी कहते है के बाद हिन्दू राजाओं द्वारा दलित वर्ग के शोषण का कांग्रेस सहित सेकुलर गैंग ने खूब दुष्प्रचार किया| इस गैंग ने सामन्तवाद नाम का एक शब्द घड़ा और राजाओं की सत्ता से जुड़े हर छोटे-बड़े अंग को सामंत की संज्ञा देकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया| जबकि वर्तमान […]

 ये रानी जाती थी नित्य दलित के घर होने वाले सत्संग में

 ये रानी जाती थी नित्य दलित के घर होने वाले सत्संग में

आजादी के बाद से ही दलितों के साथ छुआछूत को लेकर स्वर्ण जातियां निशाने पर है| पर जब इतिहास उठाकर देखते है तो पता चलता है कि छुआछूत को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे है वो सच कम, दुष्प्रचार अधिक है| इतिहास में ऐसे कई प्रसंग मिलेंगे जो साबित करते है कि उस काल […]

दलित सम्मान की एक अनूठी क्षत्रिय परम्परा

दलित सम्मान की एक अनूठी क्षत्रिय परम्परा

राजस्थान के राजपूत समाज में दलितों को सम्मान देने के लिए सदियों से कई ऐसी परम्पराएं चली आ रही है, जिन्हें आज भी सुचारू रूप से निभाया जाता है| राजस्थान में सदियों तक शासन करने वाली राजपूत जाति द्वारा दलित सम्मान के लिए निभाई जाने वाली परम्पराओं में सबसे ज्यादा सम्मान मेहतर (हरिजन) जाति को […]

अछूत कैसे हो सकते है दलित ?

अछूत कैसे हो सकते है दलित ?

आज जिस तरह से कार्य के आधार पर लोकतंत्र के चार स्तम्भ है ठीक उसी तरह से वैदिक काल में भी कार्यनुसार चार वर्ण बनाये गये- जिसमें शासन और सुरक्षा व्यवस्था देखने वालों को क्षत्रिय नाम दिया गया, शिक्षा व कानून आदि बनाने वालों को ब्राह्मण, व्यापार करने वालों को वैश्य और आज की कार्यपालिका […]

क्षत्रिय और दलित

क्षत्रिय और दलित

शूद्र शाब्दिक दृष्टि से आशुद्रव शब्द से व्युत्पित है जिसका अर्थ है शीघ्र ही द्रवित यानि पिघल जाना | यानि जल्दी ही अपने को  और में समिलित कर लेना | द्रवित होने वाला पदार्थ किसी भी अन्य पदार्थ के साथ अपने को समाहित कर सकता है | यह बहुत उच्च कोटि के व्यक्तियों में ही […]

हमारी साझा संस्कृति में दलित सम्मान

हमारी साझा संस्कृति में दलित सम्मान

दलित उत्पीडन की ख़बरें अक्सर अख़बारों में सुर्खियाँ बनती है फिल्मो में भी अक्सर दिखाया जाता रहा है कि एक गांव का ठाकुर कैसे गांव के दलितों का उत्पीडन कर शोषण करता है | राजनेता भी अपने चुनावी भाषणों में दलितों को उन पर होने वाला या पूर्व में हुआ कथित उत्पीड़न याद दिलाते रहते […]

चुनाव प्रबंध , झगड़े और दलित उत्पीडन

चुनाव प्रबंध , झगड़े और दलित उत्पीडन

अभी हाल ही में हरियाणा में पंचायत चुनाव सम्पन्न हुए है इससे कुछ दिन पहले यहाँ नगर निगम के चुनाव हुए थे | नगर निगम चुनाव समाप्त होने के बाद एक चुनावी कार्यकर्त्ता से मिलना हुआ , वह बता रहा था कि आजकल कैसे चुनाव मैनेज करने होते है उम्मीदवारों को पैसा पानी की तरह […]

Sher Singh Rana कैसा झंडा बनाना चाहता

Sher Singh Rana आजकल हरियाणा में राष्ट्रवादी परिवर्तन यात्रा निकाल रहा है| राणा की इस यात्रा को राजपूत बहुल गांवों में अच्छा ख़ासा जनसमर्थन भी मिल रहा है| खासकर राजपूत युवाओं में Sher Singh Rana को लेकर अच्छा ख़ासा क्रेज है और यही कारण है राणा का वे अपने गांवों में बड़ी गर्मजोशी व गाजेबाजे […]

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