डंगरसी रतनू कृत : चित्तौड़ के तृतीय साके का एक समकालीन काव्य ग्रन्थ
9:19 am
लेखक : ठाकुर सौभाग्य सिंह जी शेखावत साका और जौहर के लिए विश्व के वीरसमाज में वंदनीय चित्तौड़ भारतीय समाज का पवित्र …
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9:19 am
लेखक : ठाकुर सौभाग्य सिंह जी शेखावत साका और जौहर के लिए विश्व के वीरसमाज में वंदनीय चित्तौड़ भारतीय समाज का पवित्र …
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8:42 am
लेखक : ठाकुर सौभाग्य सिंह जी शेखावत डिंगल कवियों में केशवदास गाडण का उच्चस्थान है । ये मारवाड़ के गाडणों की बासणी के र…
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5:16 pm
लेखक : ठाकुर सौभाग्यसिंह शेखावत (राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार एवं इतिहासकार) कविवर लक्खाजी बारहठ शाही दरबार …
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3:22 pm
राजस्थानी भाषा साहित्य और इतिहास के उन्नयन के लिए राजस्थान और राजपूत समाज अपने जिन साहित्य व इतिहास साधक सपूतों पर गर्व…
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7:23 am
पंजाब कला साहित्य अकादमी द्वारा दिल्ली के हिंदी भवन में दिनांक ११ अक्टूबर २०११ को ३ बजे से शाम ६ बजे के बीच आयोजित एक व…
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6:35 pm
लक्ष्मीकुमारी चुण्डावत का जन्म तत्कालीन उदयपुर राज्य (मेवाड़) के देवगढ ठिकाने में दिनांक २४ जून १९१६ (वि.स.१९७३ आषाढ़ …
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7:10 am
झाझड ग्राम के प्रथम वीर प्रतापी नर-रत्न ठा.श्री पृथ्वीसिंह शेखावत के कुल में जन्मे (दिनांक 23 दिसम्बर,1910) श्री सुरजनस…
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8:59 pm
राजस्थान का हर दुर्ग,किला,गढ़,गढ़ी,पहाड़,घाटी,दर्रे,व एक एक हथियार शौर्य व समृद्ध इतिहास से जुड़ा है | इतिहासकारों के अ…
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7:47 am
घणा बिना धक् जावे पण थोड़ा बिना नीं धकै | अधिक के बिना तो चल सकता है,लेकिन थोड़े के बिना नही चल सकता | मनुष्य के सन्दर्भ…
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7:58 am
घोड़ा रो रोवणौ नीं,घोड़ा री चाल रौ रोवणौ है |=घोडे का रोना नही घोडे की चाल का रोना है | एक चोर किसी का घोड़ा ले गया | पर …
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9:28 pm
मैंने स्व.श्री तनसिंहजी के लिखे कई लेख इस चिट्ठे पर प्रस्तुत किए है आज मै श्री तनसिंहजी का संक्षिप्त परिचय आपके समक्ष प…
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7:41 pm
प्राचीन राजस्थानी साहित्य के मर्मघे विद्वान् एवं मूर्धन्य साहित्यकार श्री सोभाग्य सिंह जी का जन्म२२ जुलाई १९२४ को सीकर …