Brief History of Meena Kingdoms ढूंढाड़ के मीणा राज्यों का संक्षिप्त इतिहास

Gyan Darpan
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Brief History of Meena Kingdoms : राजस्थान में कछवाह राजवंश के आगमन को लेकर हमने जितने वीडियो बनाये, उन पर आये कमेंट्स पढने के बाद हमें महसूस हुआ कि ढूंढाड़ क्षेत्र में मीणाओं के राज्य होने की बात कईयों को हजम नहीं हुई | लेकिन यह सच है कि मीणा इस क्षेत्र के प्राचीन निवासी है और इस क्षेत्र में उनके कई छोटे बड़े गणराज्य मुगलकाल तक मौजूद थे, आमेर के कछवाह राजवंश ने मीणाओं के इन्हीं छोटे छोटे राज्यों को जीतकर कछवाह राजवंश की स्थापना की थी |

साथियों मेरा नाम है रतन सिंह शेखावत और आज मैं आपको जानकारी दूंगा मीणाओं के इन्हीं छोटे छोटे राज्यों और उनके राजाओं की |

सबसे पहले बात करते हैं खोह के चांदा वंशी मीणा राज्य की |

वर्तमान जयपुर से दक्षिण दिशा में लगभग पांच मील दुरी पर पहाड़ों से सटी हुई "खोह" नामक प्राचीन बस्ती है | उस वक्त खोह परकोटों से घिरी हुई तथा महलों, मंदिरों, बावड़ियों और पक्के राजमार्गों से युक्त नगरी थी | जो मीणों के चांदा वंश की राजधानी थी | विक्रम की ग्यारहवीं सदी के प्रारंभ में आलणसिंह नामक चांदा वंश के मीणा राजा यहाँ राज्य करते थे | चांदा वंश के इसी मीणा राजा को दुल्हेराय जी कछवाह ने युद्ध में हराया था | 

अब बात करते हैं मांच के सीहरा वंशी मीणा राज्य की 

मांच, जिसे वर्तमान में हम जमवा रामगढ के नाम से जानते हैं वहां सीहरा वंश के मीणाओं का राज्य था | जिसे दुल्हेराय कछवाह ने जीत लिया था, उस वक्त यहाँ के राजा थे राव नाथू, जो सीहरा वंश के मीणा थे | राव नाथू के पुत्र राव मेदा अत्यंत पराक्रमी थे, उनके शौर्य और दानवीरता की अनेक कहानियां आज भी मीणा समाज में प्रचलित है |

आमेर का सुसावत मीणा राज्य 

आमेर पर सुसावत वंश के मीणाओं का शासन था, जब कछवाहों ने आमेर पर अधिकार किया तब आमेर पर राव भत्तो का शासन था | कर्नल टॉड ने लिखा है कि कांकिल कछवाह के पुत्र मैदल ने आमेर छिना, पर अन्य इतिहासकार काकिल देव कछवाह द्वारा राव भत्तो को परास्त कर आमेर पर अधिकार करना मानते हैं |

नहाण का गोमलाडू राज्य 

विभिन्न कछवाह शासकों द्वारा समय समय पर मीणाओं के राज्य हस्तगत करने के बाद भी आमेर के राजा भारमल के समय तक नहाण में मीणाओं का राज्य था | नहाण के गोमलाडू वंशीय मीणा राज्य के लिए इतिहास में एक दोहा प्रचलित है, जो उसके वैभव को दर्शाता है  

बावन कोट छप्पन दरवाजा, मीणा मर्द नहान का राजा 

बूडो राज नहान को, जब भुस में बांटो मांग्यो |

राजा भारमल ने अपने राज्य में मीणाओं के उपद्रव रोकने के लिए नहान पर आक्रमण किया और जीत लिया |

इन मीणा राज्यों के अलावा गेटोर घाटी, झोटवाडा, बैनाड़ के राव धुहड़, देवन्द के काटाराव और ध्यावण के कई मीणा राज्य थे, जो समय समय पर कछवाह राजाओं ने जीत कर आमेर रियासत का विस्तार किया |

मीणाओं के सभी राज्य जीतने के बाद भी मीणाओं ने अपने खोये राज्यों को पाने के लिए लगभग पञ्च सौ वर्षो तक संघर्ष किया और कछवाह राजाओं को सुख चैन से नहीं रहने दिया, आखिर कछवाह राजाओं ने मीणाओं को खजाने का भार, जागीरें, चुंगी नाके और राज में विभिन्न सम्मानित पद देकर संतुष्ट किया तब जाकर मीणा विद्रोह शांत हुआ और आमेर रियासत के विकास में मीणाओं ने सक्रीय भागीदारी निभाई |  

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