अंतर्जाल पर हिंदी ब्लोग्स की संख्या तो दिनों दिनों बढती जा रही है पर हिंदी ब्लोग्स पर पाठको की अभी भी बहुत कमी है |हर ब्लॉग लेखक अपनी और से पूरा प्रयास करता कि उसके ब्लॉग पर ज्यादा से ज्यादा पाठक आये |पर जरुरी नहीं कि हर ब्लोगर को इतना तकनीकी ज्ञान हो कि वह अपने ब्लॉग को इतना ऑप्टिमाइज़ कर सके कि उसका ब्लॉग सर्च इंजन के खोज परिणामों में आने लगे |
आइये आज चर्चा करते है उन उपायों पर जिनकी सहायता से हम अपने हिंदी चिट्ठों को सर्च इंजन के खोज परिणामों में शामिल कर सकें पर उससे पहले एक नजर उन बिंदुओं पर डालें जिन्हें आज तक बहुत से ब्लोगर अपने ब्लॉग पर
पाठक बढाने हेतु आजमाते आये है -
1-ब्लोगवाणी व चिट्ठाजगत के समय अक्सर लोग अपने ब्लॉग की पोस्ट को एग्रीगेटर के मुख पृष्ठ पर रखने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते थे जैसे ब्लोगवाणी में बारबार पसंद विजेट पर खुद व अपने मित्रों से चटका लगवाना,चिट्ठाजगत में सक्रियता क्रमांक बढाने हेतु अपने ही बनाये अनेकों चिट्ठों में एक दूसरे चिट्ठे का लिंक देकर चिट्ठाजगत में हवाले इक्कठा करना,हवालों के लिए गुट बनाकर चिटठा चर्चाएँ करना आदि आदि |
2-जो लोग ये नहीं कर पाए उन्होंने इन एग्रीगेटरस के खिलाफ आलोचनात्मक लेख लिखे जिसका नतीजा ये हुआ कि ये कि ये एग्रीगेटर ही बंद हो गए |
3-कुछ लोगों ने अपने चिट्ठों पर पाठक बढ़ाने के लिए विवादस्पद लेख लिखे जिसका नतीजा ये हुआ कि हिंदी ब्लॉग जगत में आपसी कटुता व गुटबाजी को बढ़ावा मिला |
4-कई चिट्ठाकार अपने नए लेख की सूचना देने के लिए ढेरों ईमेल भेजते है इससे बेकार ही बहुत से लोग इन अवांछित ईमेल्स के मिलने से परेशान होते है इससे भी चिट्ठाकार की गलत छवि बनती है,इससे परेशान कई चिट्ठाकारों ने इस सम्बन्ध में लेख भी लिखें है कि कैसे लोग उन्हें अपने लेखों का प्रचार करती मेल भेज परेशां करते है |
कुल मिलकर पाठक बढ़ाने के इन हथकंडों की वजह से हिंदी ब्लॉगजगत को कई लोकप्रिय ब्लॉग एग्रीगेटर खोने पड़े व आपसी कटुता बढ़ी सो अलग |
पर सवाल ये उठता है कि आखिर ब्लोगर को क्या करना चाहिए कि उसके चिट्ठे पर पाठक संख्या बढती रहे | क्योंकि अपने शौक के लिए ब्लोगिंग करने वाला कोई भी व्यक्ति अपने ब्लॉग पर पाठक बढ़ाने के लिए के लिए किसी महंगे वेब ओप्तिमाइजर की सेवाएँ तो ले नहीं सकता |इसलिए आज मैं उन उपायों पर चर्चा कर रहा हूँ जो एक चिट्ठे पर पाठक संख्या बढ़ाने में सहायक है -
यदि आपने अपने चिट्ठे पर गूगल विश्लेषक या कोई अन्य औजार लगा रखा है जो आपके चिट्ठे पर आपने वाले पाठकों कि गणना कर उनका हिसाब किताब रखता हो तो उसके विश्लेषण को देखिए तो आपको पता चलेगा कि पाठकों का एक बहुत बड़ा वर्ग गूगल खोज परिणामों से कुछ शब्द खोज कर आपके चिट्ठे पर आया है | जब आप अपने चिट्ठे पर लगे विश्लेषक औजार से विश्लेषण रपट देखेंगे तो पाएंगे कि ब्लॉग एग्रीगेटर्स की अपेक्षा गूगल खोज से आपके चिट्ठे पर पाठक ज्यादा आये है | इसलिए हमें सबसे ज्यादा ध्यान इसी बात पर देना चाहिए इसके लिए-
1-गूगल सहित विभिन्न सर्च इंजन्स में अपने चिट्ठे के पते को जमा करे |इसके लिए अंतरजाल पर कई वेब साईट है जो फ्री में मुख्य सर्च इंजन्स में आपका चिटठा जमा करने की सुविधाएँ देती है |
2-गूगल वेब मास्टर औजार का इस्तेमाल कर अपने चिट्ठे का साईट मेप जमा करें ताकि गूगल को आपके द्वारा लिखे गए लेखों का पता चल सके और वो उन्हें सूचीबद्ध कर सके|
3-मेटा टेग का इस्तेमाल करें | अंतर्जाल पर आपको कई वेब साईट मिल जायेगी जिनकी सहायता से आप मेटा टेग बनाकर उसके कोड अपने चिट्ठे के टेम्प्लेट में लगा सकते है|
4-रिलेटेड पोस्ट विजेट का इस्तेमाल करें ताकि आपके चिट्ठे पर आये पाठक को उस लेख से सम्बंधित अन्य लेख भी आसानी से मिल सके इससे आपके पुराने लेख भी पाठकों की नजर आयेंगे और वे भी पढ़े जायेंगे|
5-ब्लॉग की बगल पट्टी में सबसे ज्यादा पढ़े लेखों को दर्शाने वाला विजेट लगाएं ताकि आपके पाठक आपके चिट्ठे के लोकप्रिय लेख पढ़ सकें|
6-अपने चिट्ठे पर लिखे लेखों की एक लेख सूचि बनाएँ ताकि पाठकों को सूचि देखकर आपके लेख पढ़ने में आसानी हो |बिना लेख सूचि पाठक को आपके लाभदायक लेखों का पता कैसे चलेगा|
7- हर लेख के साथ लेबल जरुर लगाएं और साथ ब्लॉग पर लेबल वाले विजेट का प्रयोग भी करें|
8- ध्यान रहे ब्लॉग पर सिर्फ अपनी रचनाएँ ही प्रकाशित करे ,किसी और ब्लॉग से चुराकर प्रकाशित किये लेख सर्च इंजन्स के खोज परिणामों में आपके ब्लॉग पर विपरीत प्रभाव ही डालेंगे|
9-उपलब्ध सभी ब्लॉग एग्रीगेटर्स में अपने चिट्ठे को दर्ज कराएँ |
10-सोसियल बुक मार्क औजार का प्रयोग कर अपने ब्लॉग के ज्यादा से ज्यादा बेकलिंक जमा करें इसके लिए यहाँ चटका लगाकर इस वेब साईट की सेवाओं का फायदा उठायें|
11-ज्यादा से ज्यादा चिट्ठों पर जाकर अपनी टिप्पणियाँ दर्ज करे इससे सम्बंधित चिट्ठाकार जरुर आपके चिट्ठे पर आएगा|
12- किसी भी चिट्ठे पर टिप्पणी करते समय नाम व यूआरएल (Name/URL)का प्रयोग करें ताकि टिप्पणी में आपके नाम पर क्लिक करते ही आपकी प्रोफाइल की जगह आपका चिटठा खुले|
13- विभिन्न चिट्ठों पर लगे काउंटरस पर क्लिक कर देखें कि उन चिट्ठों पर खोज परिणामों से आने वाले पाठक किन शब्दों को ज्यादा खोजते हुए वहां आये है और ऐसे शब्दों पर जो खोज परिणामों में ज्यादा नजर आते है लेख लिखें ताकि उन शब्दों के खोज परिणामों से आपके चिट्ठे पर भी पाठक बढ़ें |
14-अपने फेसबुक खाते में ब्लॉग जोड़े आपके लेख की फीड फेसबुक में आपकी वाल पर प्रकशित होगी जिससे आपके फेसबुक मित्रों को आपके लेख के बारे में पता चलेगा और वे आपके चिट्ठे पर आपका लेख पढ़ने पहुचेंगे | फेसबुक को भी एक एग्रीगेटर के तौर पर इस्तेमाल करें |फेसबुक में अपने चिट्ठे का एक पेज भी बनाएँ |
15- विबिया टूलबार विजेट का इस्तेमाल करें |विभिन्न विजेटों से लेश यह टूलबार आपके ब्लॉग का पेज व्यू बढ़ाने में सक्षम है |
16-टिप्पणी के माध्यम से पाठकों द्वारा आपके लेख से सम्बंधित पूछे गए प्रश्नों का उत्तर जरुर दें इससे आपके चिट्ठे व आपकी विश्सनीयता बढ़ेगी |
17-Search Engine Optimization के लिए 101 Tips वाली eBook यहाँ से मुफ्त डाउनलोड कर उसका फायदा उठाएं |
18-हिंदी ब्लोग्स पर सर्च इन्जंस से पाठक कम आने का सबसे बड़ा कारण हिंदी में खोज की कमी है |अत: ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंप्यूटर पर हिंदी लिखने वाले औजारों की जानकारी दे |अपने जान पहचान वालों को कंप्यूटर पर हिंदी लिखना सिखाएं व लिखने के लिए प्रेरित करें , तभी अंतर्जाल पर हिंदी में वेब खोज बढ़ेगी और जब सर्च इन्जंस पर हिंदी वेब खोज बढ़ेगी तो निश्चित है खोज परिणामों से पाठक हमारे ही हिंदी ब्लोग्स पर आयेंगे और उन्हें हिंदी ब्लोग्स पर अपनी मातृभाषा में जब जानकारियां का खजाना मिलेगा तो वे बार-बार हमारे ब्लोग्स पर पढने आयेंगे |
इस तरह हम जितने लोगों को कंप्यूटर पर हिंदी लिखना सिखायेंगे समझो हमने उतने ही हिंदी ब्लोग्स पढने वाले पाठक तैयार कर दिए |








अच्छी जानकारी...आभार
ReplyDeletesahi kaha bhai aapne !
ReplyDeletevery very imp post dear
ReplyDeletevisit my blog plz
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ब्लाग्स की लोकप्रियता बढवाने के प्रयास हेतु उपयोगी जानकारी. आभार...
ReplyDeleteकाम का लेख दिया आपने, कई मित्रों को भेजता हूँ !! आभार आपका !
ReplyDeleteमेरे जैसे तकनीक से अनजान लोगों के लिये तो बहुत काम की जानकारी है। धन्यवाद।
ReplyDeleteउपयोगी आलेख!
ReplyDeleteAabhar.
ReplyDelete---------
पैरों तले जमीन खिसक जाए!
क्या इससे मर्दानगी कम हो जाती है ?
मैं निहायत मासूमियत के साथ अमन का पैगाम बांटने वाले भाइयों द्वारा किये जानेवाले स्पैम का जबरदस्त शिकार हूँ. उनके मैसेजों को कई दफा फ़िल्टर के द्वारा सीधे डिलीट करने के बाद भी वे स्पैम करने के नित नए हथकंडे खोज लेते हैं.
ReplyDeleteसोच रहा हूं कि अपनी पोस्ट पढ़वाने के लिए स्पैम करनेवालों की एक लम्बी लिस्ट बनाऊँ लेकिन बेकार के काम करने में आखिर वक़्त क्यों जाया करूं!
काम का लेख दिया आपने| धन्यवाद|
ReplyDeleteबहुत उपयोगी जानकारी ... शुक्रिया
ReplyDeleteकाम का लेख दिया आपने,धन्यवाद।
ReplyDeleteबड़ा कार्य दे दिया है, अब धीरे धीरे समझते हैं।
ReplyDeleteबहुत उपयोगी पोस्ट..
ReplyDeleteबहुत ही सुंदर प्रस्तुति !!
ReplyDeleteबहुत अच्छी जानकारी दी है आपने ! मैं समझता हूँ मेरे जैसे नए व् इन तकनीकों से अनजान ब्लोगेर्स के लिए काफी मददगार साबित होगी ! बहुत बहुत धन्यवाद ..... आचार्य रंजन
ReplyDeleteबहुत ही उपयोगी पोस्ट, आभार.
ReplyDeleteरामारम.
हम सबके लिए उपयोगी जानकारी ...आपका आभार
ReplyDeleteबहुत उपयोगी जानकारी मेरे लिए और मुझ जैसे बहुतों के लिए !
ReplyDeleteखुश और स्वस्थ रहें और ऐसी जानकारियां बांटते रहें |
धन्यवाद !अशोक"अकेला"
आपने यह जानकारी देकर बहुत अच्छा कार्य किया
ReplyDeleteकमेन्ट में लिंक कैसे जोड़ें?
KAM KI JANKARI thenks
ReplyDeleteकमाल की जानकारी दी है आपने.मैंने कई ब्लोग्स छानी ,मगर जिस तरह के ब्लोगर्स टिप्स आपकी वेबसाईट पर पाए ,वो यक़ीनन काबिले तारीफ हैं.मुझे यहाँ आकर बहुत ज्यादा फायदे हुए हैं.और बहुत कुछ सिखने का मौका मिला है.आपको भी मै मोहब्बत नामा ,और ''मास्टर्स टेक टिप्स '' पर पधारने की दावत देता हूँ.आप आयें और हमारी होंसला अफजाई करें.
ReplyDeletehttp://masters-tach.blogspot.com/
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