Chol Raja Parantak 1st. : चोल राजा परन्तक (प्रथम)-(ई.907 से ई.953)
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Chol Raja Parantak 1st. : चोल राजा परन्तक (प्रथम)-(ई.907 से ई.953) आदित्य प्रथम के बाद उसका पुत्र परन्तक राज्य का उत्…
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How did the Rajput king expand their territory? किसी भी राजा को अपनी सीमा बढाने के लिए सबसे पहले पडौसी राज्य पर आक्रम…
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2:51 pm
How historical sources will help to write a history? कोई भी historical story लिखने के लिए historical source की आवश…
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12:22 pm
Raja Aditya Chaul History : आदित्य चौल (प्रथम)-(ई.871 से ई. 907) विजयल्ला के पुत्र और उसके राज्य के उत्तराधिकारी आदित्…
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तंजौर के चौल और विजयल्ला (विजयराज)-( ई.850 से ई.871) चौल वंश का वास्तविक इतिहास नवीं सदी के द्वितीय चतुर्थ से प्रारम्भ…
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History of Chol Kahstriya Rajvansh चौल राजवंश का इतिहास चौल वंश दक्षिण भारत का प्राचीन राजवंश है। इसका वर्णन वाल्मीकि…
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11:54 am
History of Panwar or Parmar परमार या पंवारों का विस्तार उज्जैन छूटने के बाद परमारों की एक शाखा आगरा और बुलन्दशहर में …
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11:45 am
जांभाजी परमार और विश्नोई मत बिश्नोई मत के प्रवर्तक और महान संत जाम्भोजी का जन्म भादवा वदी 8 वि.स.1509 पीपासर गांव में…