rajasthani poem
6:30 am
बाळपणा नै झालौ
सुण रै म्हारी सखी सहेली, किती सुखी है आ छोटी सी चिड़कली | जद मन करै रुंख पै आवै, जद मन करै आकास में फुर सूं उड़ ज…
सुण रै म्हारी सखी सहेली, किती सुखी है आ छोटी सी चिड़कली | जद मन करै रुंख पै आवै, जद मन करै आकास में फुर सूं उड़ ज…
pagdandi
12:58 am
क्षणों के कांटे सी हूँ मैं हर क्षण धुरी पर परिक्रमा मेरी वक़्त बदल देती हैं मेरी परिक्रमा क्षण घंटे दिन बदल…
Gyan Darpan
6:30 am
धोळी-धोळी चांदनी, ठंडी -ठंडी रात । सेजां बैठी गोरड़ी,कर री मन री बात ।। बाट जोवतां -जोवतां, मैं कागां रोज उडाऊं …