हठीलो राजस्थान-30
2:49 pm
तोपां जाझां ताखड़ी, सीस पडै कट कट्ट | बण ठण बैठा किम सरै, रण माची गहगट्ट ||१७८|| वीर पत्नी पति से कहती है - तोपें गरजती…
Gyan Darpan
2:49 pm
तोपां जाझां ताखड़ी, सीस पडै कट कट्ट | बण ठण बैठा किम सरै, रण माची गहगट्ट ||१७८|| वीर पत्नी पति से कहती है - तोपें गरजती…
Gyan Darpan
2:00 pm
लेवण आवे लपकता, सेवण माल हजार | माथा देवण मूलकनै, थोडा मानस त्यार ||१७२|| मुफ्त में धन लेने के लिए व धन का संग्रह करने …
Gyan Darpan
1:59 pm
पेट फाड़ पटकै सिसू , रण खेतां खूंखार | बगसै माफ़ी बिरियाँ , सरणाई साधार ||१६६|| माता ने अपना पेट चीर कर जो पुत्र उत्पन्न …
Gyan Darpan
1:58 pm
ठाणा लीलो ठणकियो, सुण बैरी ललकार | सुत धायो ले सैलड़ो, धव खींची तरवार ||१६०|| शत्रु की ललकार सुन कर अस्तबल में बंधा हुआ…
Gyan Darpan
7:50 pm
जौहर ढिग सुत आवियो, माँ बोली कर प्रीत | लड़णों मरणों मारणों, रजवट रुड़ी रीत ? ||१५४|| जौहर में जलती हुई माँ के सम्मुख ज…
Gyan Darpan
7:49 pm
भाज्यां भाकर लाजसी, लाजै कुल री लाज | सिर ऊँचौ अनमी सदा, आबू लाजै आज ||१४८|| यदि मैं युद्ध क्षेत्र से पलायन करूँ तो गौर…
Gyan Darpan
7:48 pm
रण तज घव चांटो करै, झेली झाटी एम || डाटी दे , धण सिर दियो, काटी बेडी प्रेम ||१४२|| कायर पति रण-क्षेत्र से भाग खड़ा हुआ |…
Gyan Darpan
7:44 pm
दो-दो लंगर पाँव में, माथै दो दो मोड़ | दो दो खग धारण कियां, रण- लाडो बेजोड़ ||१३६|| यह अनूठा शूरवीर जिसके पांवों में दो…
Gyan Darpan
9:42 am
सिर देणों रण खेत में, स्याम धर्म हित चाह | सुत देणों मुख मौत में, इण धर रुड़ी राह ||१३०|| रण-क्षेत्र में अपना मस्तक अर्…