जयचंद व मानसिंह नहीं इतिहास में तुम्हें कौम का गद्दार लिखा जायेगा

जयचंद व मानसिंह नहीं इतिहास में तुम्हें कौम का गद्दार लिखा जायेगा

सोसियल मीडिया में आजकल क्षत्रिय बंधुओं में अजीब जंग छिड़ी हुई है| दरअसल क्षत्रिय समाज यानी राजपूत शुरू से ही भाजपा का परम्परागत वोट बैंक रहा है और राजपूतों ने भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है| पर जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है तब से राजपूत […]

जयचंद की गद्दारी पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल ने ये लिखा

जयचंद की गद्दारी पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल ने ये लिखा

पूरे भारतवर्ष में जनश्रुति प्रचलित है कि सम्राट पृथ्वीराज के खिलाफ युद्ध के लिए गौरी को कन्नौज नरेश जयचंद गहड़वाल ने बुलाया था| लेकिन हम जब भी कोई इतिहास पढ़ते है तो पाते है कि गौरी को जयचंद द्वारा बुलाने की बात कहीं भी लिखी नहीं पाते| इसी मुद्दे पर इतिहासकार डा. गणेशप्रसाद बरनवाल अपनी […]

पृथ्वीराज जयचंद की माताओं का बहनें होने का ये है सच

 भारत के अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज व जयचंद के बारे में प्रचारित है कि वे दोनों दिल्ली के तोमर (तंवर) राजा अनंगपाल के दोहिते थे| यानी दोनों मौसी के बेटे भाई थे और अनंगपाल के संतान ना होने की वजह से दिल्ली राज्य के उत्तराधिकार को लेकर दोनों के मध्य विवाद व दुश्मनी थी| आज […]

पुस्तक समीक्षा : जयचंद्र गद्दार नहीं परमदेशभक्त बौद्ध था

पुस्तक समीक्षा : जयचंद्र गद्दार नहीं परमदेशभक्त बौद्ध था

15 जनवरी 2017 को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित पुस्तक मेले में सम्यक प्रकाशन दिल्ली ने बौद्धाचार्य शांति स्वरूप बौद्ध द्वारा लिखित पुस्तक “जयचंद्र गद्दार नहीं परमदेशभक्त बौद्ध था” का विमोचन किया गया| शांति स्वरूप बौद्ध 21 वर्ष केंद्र सरकार के राजपत्रित पद पर कार्य करने के बाद बौद्ध धर्म के इतिहास, सांस्कृतिक, कलात्मक […]

कन्नौज नरेश महाराज जयचंद के प्रति बदलता नजरिया

कन्नौज नरेश महाराज जयचंद के प्रति बदलता नजरिया

इतिहास शुद्धिकरण प्रयास का असर :  कन्नौज नरेश महाराज जयचंद के प्रति बदल रहा नजरिया किसी भी धोखेबाज, देशद्रोही या गद्दार के लिए जयचंद नाम मुहावरे की तरह प्रयोग किया जाता है। साहित्यिक रचनाएँ हो, कवियों की काव्य रचनाएँ हो या देशवासियों के आम बोलचाल की भाषा में धोखेबाज, गद्दार, घर के भेदी, देशद्रोही को […]

गद्दार नहीं धर्मपरायण और देशभक्त राजा थे जयचंद

गद्दार नहीं धर्मपरायण और देशभक्त राजा थे जयचंद

जयचंद का नाम आते ही हर किसी व्यक्ति के मन में एक गद्दार की छवि उभर आती है| यही नहीं जयचंद नाम को गद्दार के पर्यायवाची के रूप में प्रयोग किया जाने लगा है| जबकि जयचंद जिन पर आरोप है कि उन्होंने पृथ्वीराज से बदला लेने के लिए गौरी को बुलाया और उसकी सहायता की| […]

दुष्प्रचार का शिकार : जयचंद

किसी भी धोखेबाज, देशद्रोही या गद्दार के लिए जयचंद नाम मुहावरे की तरह प्रयोग किया जाता है| साहित्यिक रचनाएँ हो, कवियों की काव्य रचनाएँ हो या देशवासियों के आम बोलचाल की भाषा में धोखेबाज, गद्दार, घर के भेदी, देशद्रोही को जयचंद की तुरंत उपमा दे दी जाती है| बेशक उपमा देने वाला व्यक्ति जयचंद के […]

दुर्गादास राठौड़ को देश निकाला दिए जाने का सच

दुर्गादास राठौड़ को लेकर इतिहासकारों व आमजन में एक बहुत बड़ी भ्रान्ति फैली हुई है कि बुढ़ापे में वीर दुर्गादास को जोधपुर के राजा अजीतसिंह ने देश निकाला दे दिया था| आपको बता दें वीर शिरोमणि दुर्गादास का निधन महाकाल की नगरी उज्जैन में हुआ| शिप्रा नदी के तट पर उनका दाह संस्कार किया गया […]

इतिहास का ऐसा विश्लेषण करने वालो पहले अपने अन्दर झांको

इतिहास का ऐसा विश्लेषण करने वालो पहले अपने अन्दर झांको

इतिहास का विश्लेषण वर्तमान युवा पीढ़ी का पसंदीदा विषय है| जब से हिन्दुत्त्व व राष्ट्रवाद का उन्माद बढ़ा है तब से इतिहास विश्लेषण का कार्य इसी विचारधारा के अनुरूप त्वरित गति से बढ़ा है| इतिहास में जिन शासकों ने तत्कालीन परिस्थितियों के मध्यनजर अपने पड़ौसियों या फिर अपने से बड़े शासकों से संधियाँ कर अपने […]

पृथ्वीराज चौहान व राजा अनंगपाल तोमर के रिश्ते का सच

पृथ्वीराज चौहान व राजा अनंगपाल तोमर के सम्बन्धों के बारे में आम धारणा है कि दिल्ली के राजा अनंगपाल तोमर पृथ्वीराज चौहान के नाना थे और उनके कोई संतान ना होने के कारण पृथ्वीराज को दिल्ली की गद्दी मिली| यही नहीं कन्नौज नरेश जयचंद को अनंगपाल तोमर का दोहित माना जाता है और दिल्ली की […]

1 2 3