बीघा दो बीघा जमीन होती तब पता चलता पटवारी क्या होता है ?

गाँव में तैनात पटवारियों के नखरे, मोटी रकम लेकर काम करना आदि अदि देख ताऊ ने सोचा सब धंधे कर लिए फिर भी लखपति तो क्या हजारपति भी नहीं बन पाए| अत: क्यों ना किसी तरह जुगाड़ लगाकर पटवारी बन धन कमाया जाय|

और ताऊ ने किसी तरह पटवारी भर्ती परीक्षा (Patwari Recruitment Test)पास कर पटवारी की नौकरी पर नियुक्ति (Patwari Bharti) पा ली| जिस गांव में ताऊ की नियुक्ति थी, उस गांव वाले ताऊ पटवारी के आगे हाथ जोड़े खड़े रहते थे| जिनका पटवारी से अब तक कोई काम नहीं पड़ा पर बीघा दो बीघा भूमि का मालिक भी ताऊ पटवारी को कभी नाराज करने की हिमाकत नहीं करता, पता नहीं कब पटवारी से काम पड़ जाये| इस तरह पटवारी पद पर नियुक्ति मिलते ही ताऊ की मौज ही मौज थी|

एक दिन ताऊ गांव के रास्ते से गुजरते हुए पटवार कार्यालय जा रहा था, कि एक कुत्ते ने ताऊ की भोंकना शुरू कर दिया| ताऊ को लगा कि इससे बचना ही ठीक है, सो ताऊ एक दूकान के आगे बने चबूतरे पर चढ़ गया और सोचने लगा कि कुत्ता जब चला जायेगा तब आगे का रास्ता तय करेगा| पर कुत्ता भी ताऊ से कम ना था शायद वह कुत्तों में पक्का ताऊ था| ताऊ जब भी चबूतरे से उतरने की कोशिश करे, कुत्ता उसे काटने को दौड़े और भौंके भी| ऐसा क्रम कई देर तक चलता रहा|

आखिर ताऊ से रहा नहीं गया और वह कुत्ते को बोला- अबे कुत्ते ! तेरे पास बीघा दो बीघा भी जमीन होती तब तुझे पता चलता कि पटवारी क्या होता है?

Patwari bharti 2015-2016
Patwari Recruitment 2015-2016

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