क्या आप भी बनाना चाहते है इन्डली व ब्लोगिरी जैसा ब्लॉग एग्रीगेटर ?

क्या आप भी बनाना चाहते है इन्डली व ब्लोगिरी जैसा ब्लॉग एग्रीगेटर ?

जब से सबका चहेता और लोकप्रिय हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर ब्लॉगवाणी की सांसे अटकी पड़ी है तब से हर किसी के मन में हलचल मच रही है कि काश हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर्स की संख्या ज्यादा हो ताकि कोई एक या दो एग्रीगेटर पर निर्भर ना रहना पड़े | ब्लॉग वाणी के बंद होने के बाद इन्डलीब्लोगगिरी नाम के दो एग्रीगेटर्स का अवतार भी हो चूका है | इससे पहले ब्लॉग प्रहरी नामक ब्लॉग एग्रीगेटर भी आ चूका था |
और अब हमारीवाणी के नाम से एक और ब्लॉग एग्रीगेटर आने की विज्ञापननुमा टिप्पणियाँ हर जगह पढने को मिल रही है | आज हिंदी ब्लॉगजगत में ब्लॉग एग्रीगेटर्स की आवश्यकता महसूस की जा रही है | आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है | इसी ध्येय वाक्य के चलते ब्लॉग वाणी के बंद होते ही तीन तीन ब्लॉग एग्रीगेटर्स का अवतरण हो चूका व होने वाला है |
ब्लॉगवाणी की रूकावट के बाद आपके मन में भी उथल-पुथल मच रही होगी कि काश आप भी एक ब्लॉग एग्रीगेटर बना पाते | पर तकनीकी ज्ञान की कमी के चलते शायद आप मन मसोस कर बैठे है |
तो आईये आज इन्डलीब्लोगगिरी जैसा ब्लॉग एग्रीगेटर बिना ज्यादा तकनीकी ज्ञान के बनाने के तरीके पर चर्चा करते है | हालाँकि इन एग्रीगेटर्स में कुछ अल्प सुविधाओं के चलते ये चिट्ठाजगत व ब्लॉगवाणी का सही मायने में विकल्प नहीं बन सकते | पर फिर भी विकल्प तो है ही |
१- सबसे पहले आप इस साईट पर जाकर एग्रीगेटर बनाने के लिए रेडीमेड वेब स्क्रिप्ट डाउनलोड करिए | जो बिल्कुल मुफ्त है | यह स्क्रिप्ट वैसे ही है काम आती है जैस वर्डप्रेस ,जुमला ,फोरम आदि की स्क्रिप्ट |
२- अब किसी सस्ते वेब होस्ट से एक होस्टिंग पैकेज लें | पैकेज में mysql database & php5 की सुविधा होनी चाहिए |
सस्ती वेब होस्टिंग आप way4hostDewlance नामक वेब होस्टिंग सेवा प्रदाताओं से ले सकते है
३-अब चर्चा करते है इस एग्रीगेटर स्क्रिप्ट की इंस्टालेशन विधि पर |

  1. Create a mysql database. If you are unfamiliar with how to create a mysql database, please contact your web host or search their support site. Please pay careful attention when creating a database and write down your database name, username, password, and host somewhere.
  2. Rename the /language/lang_english.conf.default file to lang_english.conf. Same instructions apply to any other language file that you might use that are located in the /languages directory.
  3. Rename the file bannedips.txt.default to bannedips.txt
  4. Rename the file settings.php.default to settings.php
  5. Rename the file local-antispam.txt.default to local-antispam.txt
  6. Rename the /libs/dbconnect.php.default file to dbconnect.php
  7. Upload the files to your server.
  8. CHMOD 755 the following folders, if they give you errors try 777.
    • /admin/backup/
    • /avatars/groups_uploaded/
    • /avatars/user_uploaded/
    • /cache/
    • /cache/admin_c/
    • /cache/templates_c/
    • /languages/ (And all of the files contained in this folder should be CHMOD 777)
  9. CHMOD 666 the following files
    • /libs/dbconnect.php
    • bannedips.txt
    • settings.php
    • local-antispam.txt
  10. Open /install/index.php in your web browser. If you are reading this document after you uploaded it to your server, click on the install link at the top of the page.
    • Select a language from the list.
    • Fill out your database name, username, password, host, and your desired table prefix.
    • Create an admin account. Please write down the login credentials for future reference.
    • Make sure there are no error messages!
  11. Delete your /install folder.
  12. CHMOD 644 libs/dbconnect.php
  13. Open /index.php
  14. Log in to the admin account using the credentials generated during the install process.
  15. Log in to the admin panel ( /admin ) and you will then be presented with information intruducing you to Pligg.
  16. Configure your Pligg site to your liking. Don’t forget to use the Modify Language page to change your site’s name.

स्क्रिप्ट अपलोड करने के लिए यदि आपके सीपेनल कण्ट्रोल पेनल है तो आप सीधे फाइल मेनेजर में जाकर स्क्रिप्ट की जिप फाइल अपलोड कर सकते है |
या आप स्क्रिप्ट अपलोड करने के लिए फाइलजिला का इस्तेमाल कर सकते है |
एग्रीगेटर बनने के बाद यदि आप टेम्पलेट बदलना चाहते है तो यहाँ से फ्री टेम्पलेट डाउनलोड कर सकते |
एग्रीगेटर में ज्यादा सुविधाएँ देने वाले मोडयुल्स भी आप यहाँ से फ्री में डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकते है |
यदि आप बढ़िया टेम्पलेट या ज्यादा सुविधाओं वाले मोड्यूल खरीद सकते है तो यहाँ चटका लगाकर खरीद सकते है |

यदि आपको तकनीकी ज्ञान बिल्कुल नहीं है फिर भी आप ऐसा ब्लॉग एग्रीगेटर बनाना चाहते है तो way4host या Dewlance से होस्टिंग पैकेज खरीद लीजिए इन दोनों वेब होस्ट साइट्स पर सालाना होस्टिंग पैकेज के साथ एग्रीगेटर बनाकर देने की सुविधा मुफ्त है |
डेमो देखने के लिए यहाँ चटका लगायें


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27 Responses to "क्या आप भी बनाना चाहते है इन्डली व ब्लोगिरी जैसा ब्लॉग एग्रीगेटर ?"

  1. SUNIL KUMAR   June 30, 2010 at 3:17 pm

    Bahut hi behatreen post… main khud blogvaani ka clone jaldi hi aapke saamne laane waala hoon …..

    bus aap logon ke sahyog ki jaroorat hogi

    Reply
  2. Ratan Singh Shekhawat   June 30, 2010 at 3:23 pm

    सुनील जी जल्दी कीजिए , हम आपके साथ है पूरा सहयोग करने के लिए |
    दरअसल ब्लोग्वानी जैसी स्क्रिप्ट से ही सही मायने में ब्लॉग एग्रीगेटर बनाया जा सकता है |

    Reply
  3. ललित शर्मा   June 30, 2010 at 3:39 pm

    बहुत बढिया जानकारी रतनसिंग जी।
    पूरा खु्लासा ही करके रख दिया आपने।
    अब जितने चिट्ठे उतने एग्रीगेटर,स्वागत है।

    Reply
  4. Ratan Singh Shekhawat   June 30, 2010 at 3:51 pm

    @ ललित जी
    जो लोग दूसरों के बनाये एग्रीगेटरों में कमियां निकाल रहे थे ये पोस्ट ख़ास कर उनके लिए है | अब हमने बनाने का तरीका बता दिया है और बनाने में भी सहायता कर देंगे बस आलोचना करने वाले अपना बनाये तो सही |

    Reply
  5. अविनाश वाचस्पति   June 30, 2010 at 4:31 pm

    क्‍यों न हम ऐसा करें
    सदा कुछ ऐसा लिखें
    पाठक स्‍वयं चला आए
    बिना बुलाए
    ब्‍लॉगर के लिए न लिखें
    लिखें सदा पाठक के लिए
    क्‍यों एग्रीगेटर हम बनाएं
    हमारी रचनाएं ही एग्रीगेटर क्‍यों न बन जाएं

    Reply
  6. बहुत बढ़िया जानकारी!

    मैं डोमेन खरीदना चाहता हूँ!
    जिस पर मेरे सारे ब्लॉग्स आ सकें!
    क्या आप मेरी मदद करेंगे?

    Reply
  7. राज भाटिय़ा   June 30, 2010 at 5:51 pm

    धन्यवाद जी

    Reply
  8. कुन्नू सिंह   June 30, 2010 at 8:25 pm

    बहुत बढीया लेख।

    ये बहुत आसान स्क्रिप्ट है, मैने भी एक बार ईन्सटाल कर के ईसे अजमाया था।

    ढेर सारे फंसन हैं और आसानी से ईस्तेमाल मे आ जाता है

    Reply
  9. अच्छी जानकारी, सीखने के लिये समय देना होगा हमे।

    Reply
  10. जी.के. अवधिया   July 1, 2010 at 4:17 am

    बहुत अच्छी जानकारी!

    प्रयोग के तौर पर अपने एक सबडोमेन में इंस्टाल कर के देखते हैं।

    Reply
  11. संगीता पुरी   July 1, 2010 at 5:54 am

    बढिया जानकारी .. पर सबके लिए आसान भी नहीं !!

    Reply
  12. sandhyagupta   July 1, 2010 at 6:41 am

    Rochak aur upyogi jaankari.shubkamnayen.

    Reply
  13. Learn By Watch   July 1, 2010 at 9:11 am

    आपने काफी अच्छी जानकारी दी है, मैं aggregator बना ही रहा हूँ, बस द्रुपल का उपयोग कर रहा हूँ, अब इसको भी आजमा कर देखता हूँ…

    मैं भी 3-4 month के बाद एक aggregator launch करूंगा, अभी तो सिर्फ research कर रहा हूँ कि क्या-क्या bloggers चाहते हैं…

    और अभी learnbywatch.com का काम भी थोडा सा रह गया है….

    Reply
  14. हिमधारा   July 1, 2010 at 9:16 am

    प्रभु हिमधारा के नाम से बुक कराय है 535 रुप्ये पीएनबी खाते में भेजे जा रहे है invoice 36

    Reply
  15. Voice Of The People   July 1, 2010 at 9:16 am

    yh kya bura hai? http://blogjaget.feedcluster.com
    aap bhee apna chitha jodein yahan.

    Reply
  16. Puaran Sngh Rathore   July 1, 2010 at 12:08 pm

    badhiya jankari

    Reply
  17. महफूज़ अली   July 1, 2010 at 12:16 pm

    बहुत बढिया जानकारी…..

    Reply
  18. Etips-Blog Team   July 1, 2010 at 12:46 pm

    मजा आ गया पढकर,लिखते रहिऐ

    सुप्रसिद्ध साहित्यकार और ब्लागर गिरीश पंकज जी का इंटरव्यू पढने के लिऐ यहाँ क्लिक करेँ >>। एक बार जरुर पढेँ

    Reply
  19. नरेश सिह राठौड़   July 2, 2010 at 4:46 pm

    ना जी ना अभी इतनी फुर्सत कहा है | अभी तो यह सब झमेले का काम लगता है | भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है |

    Reply
  20. काजल कुमार Kajal Kumar   July 2, 2010 at 5:57 pm

    हम तो किराए के मकान में ही रह लेंगे जी. कौन पूरी बस्ती बसाए.

    Reply
  21. आशा है आने वाले दिनों में दो चार नए एग्रीगेटर अवश्य देखने को मिलेंगे।
    …………….
    अपने ब्लॉग पर 8-10 विजि़टर्स हमेशा ऑनलाइन पाएँ।

    Reply
  22. hem pandey   July 4, 2010 at 11:07 am

    फिलहाल तो चिठ्ठाजगत ही सर्वश्रेष्ठ लग रहा है. यदि अधिक एग्रीगेटर आते हैं तो हो सकता है कि ब्लोगवाणी से हो रही शिकायतों को दूर कर सकें.

    Reply
  23. "शेखावत जी" हमेशा की तरह एक दम झक्कास साथ बहुत ही उपयोगी पोस्ट |

    अभी ऐसा कुछ नहीं सोच रहा हूँ पर सब कुछ ठीक रहा तो "ब्लोगवाणी" की तरह "टेकवाणी" लाने की सोच रहा हूँ ..जहाँ सिर्फ तकनीकी चिट्ठे होंगें |

    सहयोग की आवश्यकता होगी |
    धन्यवाद

    Reply
  24. bhagat   November 18, 2010 at 12:45 pm

    how i share your this article on FACEBOOK

    Reply
  25. bhagat   November 18, 2010 at 12:46 pm

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    Reply
  26. Suman   June 13, 2011 at 12:13 pm

    nice

    Reply

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