Udaipur City

पूर्व का वेनिस और भारत का दूसरा काश्मीर माना जाने वाला उदयपुर खूबसूरत वादियों से घिरा हुआ हैं। अपनी नैसर्गिंक सौन्दर्य सुषमा से भरपूर झीलों की यह नगरी सहज ही पर्यटकों को अपनी और आकर्षित कर लेती है। यहाँ की खूबसूरत वादियाँ, पर्वतों पर बिखरी हरियाली, झीलों का नजारा और बलखाती सडके बरबस ही सैलानियों को अपनी ओर खींच लेती हैं। महाराणा उदयसिंह ने सन् 1559 में उदयपुर नगर की स्थपना की। लगातार मुगलों के आक्रमणों से सुरक्षित स्थान पर राजधानी स्थानान्तरित किये जाने की योजना से इस नगर की स्थापना हुई। सन्1572 में महाराणा उदयसिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रताप का राज्याभिषक हुआ। उन दिनों एक मात्र यहीं ऐसे शासक थे जिन्होंने मुगलों की अधीनता नहीं स्वीकारी थी। महाराणा प्रताप एवं मुगल सम्राट अकबर के बीच हुआ हल्दीघाटी का घमासान युद्ध मातृभूमि की रक्षा के लिए इतिहास प्रसिद्ध हैं। यह युद्ध किसी धर्म, जाति अथवा साम्राज्य विस्तार की भावना से नहीं, बल्कि स्वाभिमान एवं मातृभूमि के गौरव की रक्षा के लिए ही हुआ।
देश के आजाद होने से पूर्व रियासती जमाने में गुहिल वंश के अंतिम शासक महाराणा भोपाल सिंह थे जो राजस्थान के एकीकरण के समय 30 मार्च, 1949 में राज्य के महाराज प्रमुख रहे।

12 Responses to "Udaipur City"

  1. रंजन   January 2, 2009 at 2:58 pm

    विडियो तो बाद में देखता हूँ.. पर राजस्थान के एक एक शहर/किलों से परिचय करवा आप बहुत नेक काम कर रहे है.. जो नहीं घुमे वो भी वर्चुल ्टुर कर लेगें

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  2. विवेक सिंह   January 2, 2009 at 3:15 pm

    उदयपुर के बारे में अच्छी जानकारी मिली . वीडियो नहीं देख सके . स्लो कनेक्शन है .

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  3. सचिन मिश्रा   January 2, 2009 at 4:03 pm

    jankari ke liye aabhar.

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  4. Laxman Singh   January 2, 2009 at 4:14 pm

    आपने तो घर बैठे ही उदयपुर दिखा दिया !

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  5. ताऊ रामपुरिया   January 2, 2009 at 4:16 pm

    पुरानी यादों को ताजा कर दिया आपने. उदयपुर कई बार जाना हुआ है.

    रामराम.

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  6. Datar Singh   January 2, 2009 at 6:25 pm

    shandar jankari dhanyvad

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  7. अजित वडनेरकर   January 3, 2009 at 4:27 am

    शुक्रिया जनाब…

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  8. बहुत सुंदर, धन्यवाद!

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  9. नरेश सिह राठौङ   January 3, 2009 at 3:10 pm

    मै तो कुवे का मेंडक हूं । एक दो स्थान को छोड़ कर कही आना जाना नही हुआ है । अब आपके इस दर्शन यात्रा वाले विडियो से ही घूम कर काम चला रहे है ।

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  10. rakesh   February 25, 2010 at 3:15 pm

    shekhawatji namaste me khud bhi udaipur ka hu Gogunda tahsil post Dhol Nandeshma ke pas mera naam Rakesh he aur me Shrimali hu muje krupya ye jankari deve ki Maharana Bhopalsinghji ki death konsi Date ko hui thi pls……
    Dhanyawad

    Jai Mewad

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  11. rakesh   February 25, 2010 at 3:16 pm

    mera email id [email protected]

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  12. viplavi   June 10, 2010 at 7:35 am

    very nice
    my good wishes
    vijay viplavi udaipur

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