आज का ख्याल Today’s thought

आज का ख्याल Today’s thought


कभी कभी बैठे बैठे यूँ ही मन मे कई ख्याल आते रहते है . अब देखो आज खाना बना रही थी तो सोचा आस पास ही कितनी चीजे है जो सोचने को और समझने को मजबूर कर दे ,अगर हम सोचें तो ..पर अब सब मेरे जैसे निक्कमे और खाली तो है नहीं जो इतना सोचें .पर अब मेरे दिमाग में तो आ गई तो सोचा की इस बारे मे अकेले ही क्यों सोचती रहूं आप लोगो को भी बता देती हूँ |
आज का ख्याल “रोटी और दूध “….रोटी जो जाति से स्त्री होती है …..हां भाई होती है रोटी शब्द स्त्रीलिंग है ना ?.इसलिए बोला है .रोटी वो है जिसे आप कितना भी आग मे तपाओ .वो अपनी सीमा मतलब के तवा नहीं छोडती है .जल जाएगी पर अपनी हद पार नहीं करेगी ….और उसकी बदनसीबी तो देखो आप ..कि अपनी मर्यादाए नहीं छोड़ने का उसे क्या इनाम मिलता है फेंक दिया जाता है, ये कह कर की जली हुई है .और अब ये रहे दूध यानि की मिल्क जरा भी आंच लगी नही की सारी हदे सीमाएं लाँघ कर बाहर बह जाते है .और इनकी खुशनसीबी तो देखो सारी मलाई बह जाने के बाद भी बचे हुए जनाब उपयोगी रहते है ……आखिर पुरुष जाति (पुलिंग) से जो ठहरे ..अब ये मेरा ख्याल है , ये जरुरी नही है कि सही हो पर ,दिल में आ गया सो बोल दिया ……………अब अकेली मैं ही क्यों सोचू ,थोडा आप भी सोचो ……….

इन्हें भी पढ़ें
ताऊ डाट इन: ताऊ पहेली – 84
मेरी शेखावाटी: ब्लोगिंग के दुश्मन चार इनसे बचना मुश्किल यार
एलोवेरा शरीर के आन्तरिक व बाहरी सुरक्षा के लिए |
उड़न तश्तरी ….: हर शाख पर उल्लू बैठा है

15 Responses to "आज का ख्याल Today’s thought"

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.