मेरे बचपन का सावन

मेरे बचपन का सावन

सावन आ गया हमेशा की तरह पुरे एक साल बाद , हर बार की तरह अपनी खूबसूरती को समेटे …पर फिर भी कहीं न कही एसा लगता है , कि हर बार कुछ कमी रह जाती है अब सावन भी पहले जैसा नहीं रहा है .शायद होगा भी पर मेरे गाँव में तो अब वैसा […]

विलुप्त प्राय: ग्रामीण खेल : झुरनी डंडा

विलुप्त प्राय: ग्रामीण खेल : झुरनी डंडा

आज से कोई तीन दशक पहले तक गांवों में तरह -तरह के खेल खेले जाते थे | कब्बड्डी,खो खो,फूटबाल,बोलीबोल आदि के साथ रात के अँधेरे में छुपा छुपी तो दिन में गुल्ली डंडा,गुच्या दडी,सोटा दडी,कांच की गोलियों के कंचे तो दोपहर में किसी पेड़ के ऊपर झुरनी डंडा खेल खेला जाता था | गर्मियों में […]

हमारी साझा संस्कृति में दलित सम्मान

हमारी साझा संस्कृति में दलित सम्मान

दलित उत्पीडन की ख़बरें अक्सर अख़बारों में सुर्खियाँ बनती है फिल्मो में भी अक्सर दिखाया जाता रहा है कि एक गांव का ठाकुर कैसे गांव के दलितों का उत्पीडन कर शोषण करता है | राजनेता भी अपने चुनावी भाषणों में दलितों को उन पर होने वाला या पूर्व में हुआ कथित उत्पीड़न याद दिलाते रहते […]

ढाणी

ढाणी

गांव के बाहर खेतों में बने घर को राजस्थान में ढाणी कहकर पुकारा जाता है खेती करने वाले किसान अपने खेतों की अच्छी तरह से देखभाल करने के लिए अक्सर खेत में बनी ढाणियों में ही रहते है |ये ढाणियां वहां रहने वाले की आर्थिक स्थिति के हिसाब से पक्के मकानों की या फिर कच्चे […]

उतर प्रदेश के खेतो में बाजरे की लहलहाती फसल

उतर प्रदेश के खेतो में बाजरे की लहलहाती फसल

कम वर्षा ,रेतीली अनुपजाऊ भूमि में भी अच्छी पैदावार देने की वजह से बाजरा राजस्थान में होने वाली फसलों में मुख्य फसल है | राजस्थान के हर घर में बाजरा बड़े शौक से खाया जाता है खास कर सर्दियों में तो बाजरा हर एक की खाने में पहली पसंद होता है | बाजरे की रोटी […]