औरंगजेब की धर्म विरोधी नीतियों का खण्डेला के राजा बहादुरसिंह ने किया था विरोध

Raja Bahadur Singh, Khandela : खण्डेला के राजा वरसिंहदेव के निधन के बाद वि.सं. 1720 में उनके ज्येष्ठ राजकुमार बहादुरसिंह खण्डेला की राजगद्दी पर आसीन हुए| राजा वरसिंहदेव का ज्यादातर समय शाही सेना के साथ दक्षिण में बिता था अत: उनकी अनुपस्थिति में खण्डेला राज्य का प्रबंधन राजकुमार बहादुरसिंह के ही हाथों में लंबे समय […]

शेखावाटी प्रदेश का प्राचीन इतिहास : पुस्तक

राजस्थान के शेखावाटी के प्रदेश के प्राचीन इतिहास पर स्व.सुरजन सिंह शेखावत, झाझड़ द्वारा शोधपूर्वक लिखित पुस्तक “शेखावाटी प्रदेश का प्राचीन इतिहास” (Shekhawati prdesh ka prachin itihas book) का प्रथम संस्करण वर्ष 1989 में छपा था| इसके बाद पुस्तक के दुबारा ना छपने के कारण जिज्ञासु पाठकों और इतिहास शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण यह पुस्तक […]

फौज देवरे आई

“बारात चल पड़ी है। गाँव समीप आ गया है इसलिए घुड़सवार घोड़ों को दौड़ाने लगे हैं। ऊँट दौड़ कर रथ से आगे निकल गए हैं । गाँव में ढोल और नक्कारे बज रहे हैं – दुल्हा-दुल्हिन एक विमान पर बैठे हैं । दुल्हे के हाथ में दुल्हिन का हाथ है । हाथ का गुदगुदा स्पर्श […]