२० सितम्बर को राष्ट्रपति करेंगी महाराव शेखाजी की प्रतिमा का अनावरण

राजस्थान के सीकर जिले में रलावता गांव में अरावली पर्वत श्रंखला की तलहटी में शेखावत वंश और शेखावाटी के प्रवर्तक व साम्प्रदायिक सदभाव के प्रतीक महाराव शेखाजी के स्मारक स्थल पर महाराव शेखाजी की नव निर्मित प्रतिमा का अनावरण महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल देवीसिंह शेखावत २० सितम्बर को सुबह १० बजे करेंगी| इस अवसर […]

इतिहास के गौरव ठा. सुरजनसिंह शेखावत एक परिचय

झाझड ग्राम के प्रथम वीर प्रतापी नर-रत्न ठा.श्री पृथ्वीसिंह शेखावत के कुल में जन्मे (दिनांक 23 दिसम्बर,1910) श्री सुरजनसिंह ने बाल्यकाल से ही अपने धर्मनिष्ठ पिताश्री ठा.गाढसिंहजी के श्री चरणों में बैठकर गीता पढना सिखा | आपकी रूचि आध्यात्म-चिंतन से जुड़ गयी और वह अध्यावधि जुडी हुई है | आनन्दाभूति के लिए यही आत्म-चिंतन आपका […]

देवालयों की रक्षार्थ शेखावत वीरों का आत्मोत्सर्ग

8 मार्च 1679 औरंगजेब की विशाल सेना ने जो तोपखाने और हाथी घोड़ो पर सजी थी सेनापति दाराबखां के नेतृत्व में खंडेला को घेर कर वहां के शासक राजा बहादुर सिंह को दण्डित करने के लिए कूच चुकी थी | इस सेना को औरंगजेब की हिन्दू-धर्म विरोधी नीतियों के चलते विद्रोही बने राजा बहादुरसिंह को […]

धरती माता को रक्त-पिंडदान

भड पडियो रण-खेत में,संचै पूँजी साथ |राज सांधे निज रगत सूं,पिण्ड- दान निज हाथ || वीर-योद्धा रण-क्षेत्र में धराशायी हो गया,किन्तु सत्य की संचित सम्पत्ति फिर भी उसके साथ है | इसीलिए किसी दुसरे को उसका पिंडदान कराने की आवश्यकता नहीं है | वह स्वयम ही अपने रक्त से भीगी हुई मिट्टी के पिण्ड बनाकर […]

Raja Raisal Darbari of KHandela राजा रायसल दरबारी, खंडेला

रायसल जी का जन्म महाराव शेखाजी की वंश परम्परा में अमरसर के शासक राव सुजाजी की रानी रतनकंवर राठौड़ के गर्भ से फाल्गुन बदी ८ वि. १५९५ को हुआ | राव सुजाजी की मृत्युपरांत रायसल को अपने भाइयों की तरह सात गांवों की जागीर मिली थी|* और वे अपनी जागीर के गांव लाम्या में वि.स. […]

Saubhagy Singh Shekhawat Rajasthani Sahitykar Itihaskar

प्राचीन राजस्थानी साहित्य के मर्मघे विद्वान् एवं मूर्धन्य साहित्यकार श्री सोभाग्य सिंह जी का जन्म२२ जुलाई १९२४ को सीकर जिले के भगतपुरा गाँव में हुआ राजपूत परिवार में जन्मे श्री शेखावतके पैत्रिक गाँव के समीपस्त खूड आपके पूर्वजों का बड़ा ठिकाना रहा है श्री शेखावत पिछले पॉँचदशक से राजस्थानी प्राचीन साहित्य के उद्धार और अनुशीलन […]

स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर डूंगर सिंह व ठाकुर जवाहर सिंह (डूंगजी जवाहरजी)

ठाकुर डूंगर सिंह व ठाकुर जवाहर सिंह शेखावत चचेरे भाई थे, डूंगर सिंह पटोदा के ठाकुर उदय सिंह व जवाहर सिंह बठोट के ठाकुर दलेल सिंह के पुत्र थे| ठाकुर डूंगर सिंह शेखावाटी ब्रिगेड में रिसालदार थे, अंग्रेजों द्वारा शेखावाटी क्षेत्र में “शेखावाटी ब्रिगेड” की स्थापना का उदेश्य शेखावाटी में शांति स्थापना के नाम पर […]

राव रायमल जी, अमरसर

घाटवा युद्ध में विजय के बाद राव शेखा जी के निधन उपरांत उनके सबसे छोटे पुत्र राव रायमल जी बेशाख सुदी 15 वि.सं. 1545 ई.सं. 1488 को अमरसर के विधिवत शासक बने,इनके राजतिलक के समय आमेर के जेस्ठ राजकुमार प्रथ्वीराज जी व भैराना के स्वामी नरु जी अमरसर पधारे थे |शेखा जी की वीर गति […]

महाराव शेखा जी ,परिचय एवं व्यव्क्तित्व

राव शेखा का जन्म आसोज सुदी विजयादशमी सं १४९० वि. में बरवाडा व नाण के स्वामी मोकल सिंहजी कछवाहा की रानी निरबाण जी के गर्भ से हुआ १२ वर्ष की छोटी आयु में इनके पिता का स्वर्गवास होने के उपरांत राव शेखा वि. सं. १५०२ में बरवाडा व नाण के २४ गावों की जागीर के […]

शेखावाटी का राजनैतिक इतिहास

श्री रघुनाथ सिंह जी शेखावत ,काली पहाड़ी द्वारा लिखित ” शेखावाटी का राजनैतिक इतिहास ” एक अच्छी पुस्तक है जिसमे शेखावाटी की आदि काल से लेकर अब तक की राजनैतिक स्थिति , समय – समय पर इस भू भाग पर शासन करने वाले शासकों व उनके वंसजों एवम उनके द्वारा शासित ठिकानो के इतिहास पर […]