राजा अजीत सिंह खेतड़ी

राजा अजीत सिंह खेतड़ी

शेखावाटी के झुंझनू मंडल के उत्प्थगामी मुस्लिम शासकों को पराजित कर धीर वीर ठाकुर शार्दुलसिंह ने झुंझनू पर संवत. 1787 में अपनी सत्ता स्थापित की थी। झुंझनु में कायमखानी चौहान नबाब के भाई बंधू अनय पथगामी हो गये थे। उन्हें रणभूमि में पद दलित कर शेखावत वीर शार्दुलसिंह ने झुंझनू पर अधिपत्य स्थापित किया। इस […]

ठाकुर देवीसिंह मंडावा, बहुआयामी, अविस्मर्णीय व्यक्तित्व

ठाकुर देवीसिंह मंडावा, बहुआयामी, अविस्मर्णीय व्यक्तित्व

लेखक : ठा.सौभाग्य सिंह शेखावत लोक जीवन और लोकमानस में वे ही पात्र गरिमामय स्थान प्राप्त कर सकते है जिनमें सामान्यजन से कुछ विशिष्टताएँ होती है अथवा अतिमानवीय गुण होते है। ऐसे चरित्र समाज में वंदनीय बनकर युग-युगान्तर तक अजर-अमर बने रहते है। वे लोकादर्श, लोक स्मरणीय और जनमानस के प्रेरणा स्त्रोत बन जाते है। […]

वीर शिरोमणि महाराव शेखा : पुस्तक समीक्षा

वीर शिरोमणि महाराव शेखा : पुस्तक समीक्षा

गोविन्दसिंह मुण्डियावास द्वारा लिखित और श्री क्षत्रिय राजा रायसल संस्थान, खंडेला व श्री राजपूत सभा दांता-रामगढ (सीकर) द्वारा प्रकाशित पुस्तक “वीर शिरोमणि महाराव शेखा” में पूर्व में प्रकाशित इतिहास- ग्रंथो के आधार पर शेखावत वंश व शेखावाटी राज्य प्रवर्तक राव शेखाजी के जीवन चरित्र व कुछ्वाह वंश के साथ शेखावत वंश और राज्यों, जागीरों की […]

युग-पुरुष भैरोंसिंह शेखावत : तृतीय पूण्य तिथि पर शत शत नमन

युग-पुरुष भैरोंसिंह शेखावत : तृतीय पूण्य तिथि पर शत शत नमन

तृतीय पूण्य तिथि के अवसर पर राजस्थान के लोकप्रिय जननायक स्व. भैरोंसिंह जी को शत शत नमन | देश के पूर्व उपराष्ट्रपति स्व.श्री भैरोंसिंह शेखावत जो राजस्थान के जन मानस में बाबोसा के नाम से परिद्ध है का जन्म राजपुताना में शेखावाटी जनपद के खाचरियाबास ठिकाने के एक साधारण राजपूत कृषक परिवार में २३ अक्तूबर […]

कर्नल नाथू सिंह शेखावत : शख्सियत परिचय

कर्नल नाथू सिंह शेखावत : शख्सियत  परिचय

कर्नल नाथूसिंह शेखावत कर्नल नाथूसिंह शेखावत का जन्म 7 मार्च सन 1946 में राजस्थान के शेखावाटी आँचल में झुंझुनू जिले के गांव “ढाणी-बाढान” के ठाकुर श्री शाहजादसिंह के घर हुआ| ठाकुर शाहजादसिंह जी पंजाब रेजिमेंट के बहादुर सैनिक थे वे द्वितीय विश्व युद्ध में फ़्रांस, इटली व यूरोपीय क्षेत्र में बहादुरी के लिए अलंकरित किये […]

अपने अतीत और जड़ों से जुड़ने की हसरत और कामयाबी

उतरप्रदेश के बिजनौर जनपद जिसे मुगलकाल में मधी क्षेत्र (जनपद) के नाम से जाना जाता था में बसे शेखावत राजपूतों के गांवों की नई पीढ़ी के लोग अपने बुजुर्गों से अक्सर सुनते थे कि- वे राजस्थान के सीकर- खेड़ी से आये महाराज मुकट सिंह शेखावत के वंशज है| महाराज मुकट सिंह ने राजस्थान से आकर […]

राव टोडरमल-उदयपुर (शेखावाटी)

राव टोडरमल-उदयपुर (शेखावाटी)

राव भोजराज जी के यशस्वी पुत्र टोडरमल ने उदयपुरवाटी की बागडोर संभाली। टोडरमल जी भोजराज जी की जादव ठकुरानी के पुत्र थे। वि.स.1684 के करीब अपने पिता के जीवनकाल में ही वे उदयपुर में रहने लगे थे। इसके पूर्व ही उनकी वीरता प्रकट होने लग गयी थी। वि. स.1680 से पूर्व वे महाराजा जय सिंह […]

वीर दुर्गाजी शेखावत और उनकी दृढ-प्रतिज्ञा

भारतीय इतिहास में अपने पिता की राज गद्दी पाने के लिए भाइयों में खुनी संघर्ष, भाईयों का कत्ल, और बूढ़े पिता को जेल में डाल देना या मार देने के कई प्रकरण पढ़े व सुनें होंगे | पर क्या आपने भीष्म पितामह के बाद ऐसे प्रकरण के बारे में कहीं सुना या पढ़ा है जहाँ […]

स्व. आयुवानसिंह शेखावत,हुडील : परिचय

स्व. आयुवानसिंह शेखावत,हुडील : परिचय

कुंवर आयुवानसिंह शेखावत नागौर जिले के हुडील गांव में ठाकुर पहपसिंह शेखावत के ज्येष्ठ पुत्र थे आपका जन्म १७ अक्टूबर १९२० ई.को अपने ननिहाल पाल्यास गांव में हुआ था|आपका परिवार एक साधारण राजपूत परिवार था|आपका विवाह बहुत कम उम्र में ही जब आपने आठवीं उत्तीर्ण की तभी कर दिया| शिक्षा व अध्यापन कार्य :- राजस्थान के […]

वीर झुंझार सिंह शेखावत,गुढ़ा गौड़जीका

राजा रायसल दरबारी खंडेला के 12 पुत्रों को जागीर में अलग अलग ठिकाने मिले| और यही से शेखावतों की विभिन्न शाखाओं का जन्म हुआ|इन्ही के पुत्रों में से एक ठाकुर भोजराज जी को उदयपुरवाटी जागीर के रूप में मिली| इन्ही के वंशज ‘भोजराज जी के शेखावत” कहलाते है| भोजराज जी के पश्चात उनके पुत्र टोडरमल […]