खुदाय बावळी : कहानी

बहुत पुरानी बात है एक नगर में एक मुल्ला जी रहते थे और उसी नगर के दुसरे मोहल्ले में एक सिपाही अल्लेदाद रहता था| दोनों ही बेरोजगार थे कमाई का कोई साधन नहीं, दोनों के ही घर में घोर गरीबी| एक दिन मुल्लाजी कमाई करने अपने नगर से दुसरे नगर के लिए निकले उधर अल्लेदाद […]

खींवा और बींजा : दो नामी चोर – भाग-2

भाग-१ से आगे…जय-विजय घोड़ियों की चोरी से हुई कमाई से दोनों मौज कर रहे थे| एक दिन खींवा की पत्नी दोनों को प्याला देते हुए बोली-” आप दोनों का जैसा नाम है वैसा ही आपने काम भी किया| जय विजय घोड़ियाँ चुरा लाये| बहुत बड़ा काम किया| पर दोनों मिलकर कोई बड़ा काम कर सको […]

खींवा और बींजा : दो नामी चोर – भाग-1

खींवा और बींजा : दो नामी चोर – भाग-1

सैकड़ों वर्ष पहले की बात है,मारवाड़ राज्य में खींवा और बींजा नाम ले दो नामी चोर रहते थे | बींजा सोजत में और खींवा नाडोल नगर में | दोनों अपने हुनर में माहिर| नामी चोर,पर आस-पास में कभी चोरी ना करे| दूर दूर गुजरात और मालवा में जाकर चोरियां करते | उज्जैन और अहमदाबाद के […]

प्रणय और कर्तव्य

रणथंभौर दुर्ग पर अल्लाउद्दीन खिलजी ने पिछले तीन महीनों से घेरा डाल रखा था | उसके बागी सेनानायक महिमाशाही (मुम्मदशाह) को रणथंभौर के शासक हम्मीरदेव चौहान ने शरण दे रखी थी उसी बागी को वापस पाकर दण्डित करने के उद्देश्य से अल्लाउद्दीन ने हम्मीरदेव के किले पर आक्रमण किया और घेर लिया | किले की […]

चोर की चतुराई : राजस्थानी कहानी, भाग- 2

चोर की चतुराई : राजस्थानी कहानी, भाग- 2

भाग १ से आगे जब खापरिया चोर ने राजा के सभी खास सरदारों की भी अच्छी तरह से आरती उतरवा दी तो राजा का और गुस्सा आया राजा ने अपने मंत्रियों से कहा – “ये चोर तो रोज चोट पर चोट किये जा रहा है अब इसे पकड़ना बहुत जरुरी हो गया है | वैसे […]

चोर की चतुराई, खापरिया चोर भाग-1: राजस्थानी कहानी

चोर की चतुराई, खापरिया चोर भाग-1: राजस्थानी कहानी

खापरिया चोर की कहानी : एक राजा के राजमहल में एक नौकर था | उसकी चोरी करने की आदत थी | राजमहल में छोटी-मोटी चीजों पर अक्सर वह अपने हाथ की सफाई दिखा ही दिया करता था | हालांकि वह खुद तो छोटा चोर था पर उसकी दिली आकांक्षा थी कि उसका बेटा नामी चोर […]

पत्र का जबाब

पत्र का जबाब

मुगलों के राज में राजा महाराजाओं को मुग़ल दरबार में पद (मनसब) उनकी राजनैतिक हैसियत के साथ युद्धों में दिखाई गयी उनकी वीरता आदि के आधार पर दिए जाते जाते थे जिसकी तलवार में जितना जोर उसका मनसब उतना बड़ा | इसलिए मुग़ल दरबार में मनसब बांटते समय कोई विवाद नहीं रहता था | पर […]

बांका पग बाई पद्मा रा

राजस्थान में एक कहावत है “बांका पग बाई पद्मा रा” यदि आपको किसी बात पर किसी व्यक्ति पर पूरा शक है कि ये गलती इसी की है तो कह दिया जाता “बांका पग बाई पद्मा रा” अर्थात कसूर तो इसका ही है |संदर्भ कथा –आज से कोई चार सौ वर्ष पहले मारवाड़ राज्य के एक […]

बीकानेर का राजकुमार वीर अमरसिंह

बीकानेर का राजकुमार वीर अमरसिंह

बीकानेर के राजा रायसिंहजी का भाई अमरसिंह किसी बात पर दिल्ली के बादशाह अकबर से नाराज हो बागी बन गया था और बादशाह के अधीन खालसा गांवों में लूटपाट करने लगा इसलिए उसे पकड़ने के लिए अकबर ने आरबखां को सेना के साथ जाने का हुक्म दिया | इस बात का पता जब अमरसिंह के […]

इस राजा के पक्ष में भूतों ने ये किया था !

इस राजा के पक्ष में भूतों ने ये किया था !

उस समय अहमदाबाद पर महमूद बेग का शासन था,उसके राज्य में पाटण नाम का एक नगर उसका सूबेदार हाथीखान | पाटण नगर के अधीन ही एक गांव का तेजसिंह तंवर नाम का एक राजपूत रहवासी | तेजसिंह नामी धाड़ायती,दूर तक धाड़े (डाके) डालता, उसके दल में तीन सौ हथियार बंद वीर राजपूत | उसके नाम […]