भाग्य में जो लिखा वो मिला : कहानी

एक राजा के दो बेटे थे| बड़ा सींगल भोला भाला तो, छोटा दींगल बहुत कुशल और होशियार| राजा की मृत्यु के बाद बड़ा बेटा सींगल राजा बना पर राज्य के सभी कार्यों का भार दींगल पर, जिसे वह बड़े मनोयोग से पुरा करता पर यह बात राजा सींगल की पत्नी को बड़ी अखरती| वह दींगल […]

अक्ल बहादुर : लोक कथा

अक्ल बहादुर : लोक कथा

एक नगर में चार भाई रहते थे| चारों ही अक्ल से अक्लमंद थे| चारों ही भाई अक्ल के मामले में एक से बढ़कर एक | उनकी अक्ल के चर्चे आस-पास के गांवों व नगरों में फैले थे लोग उनकी अक्ल की तारीफ़ करते करते उन्हें अक्ल बहादुर कहने लगे|एक भाई का नाम सौबुद्धि, दूजे का […]

चौबोली -भाग ४ (अंतिम) : कहानी

भाग तीन से आगे ……. इस तरह तीन प्रहर कटने और तीन बार चौबोली के मुंह से बोल बुलवाने में राजा विक्रमादित्य सफल रहे और चौबोली भी पहले से ज्यादा सतर्क हो गयी कि अब चौथी बार नहीं बोलना है | राजा ने चौबोली के हार को बतलाया कि – “हे हार ! किसी तरह […]

चौबोली – भाग 3 : कहानी

भाग दो से आगे…… अब राजा चौबोली के महल की खिड़की से बोला-“दो घडी रात तो कट गयी अब तूं ही कोई बात कह ताकि तीसरा प्रहर कट सके|” खिड़की बोली- “ठीक है राजा ! आपका हुक्म सिर माथे, मैं आपको कहानी सुना रही हूँ आप हुंकारा देते जाना|” खिड़की राजा को कहानी सुनाने लगी-“एक […]

चौबोली – भाग 2 : कहानी

भाग एक से आगे …………….. अब राजा ने चौबोली के कक्ष में रखे पानी के मटके को बतलाया-” हे मटके! एक प्रहर तो पलंग ने काट दी अभी भी रात के तीन प्रहर बचे है| तूं भी कोई बात बता ताकि कुछ तो समय कटे| मटका बोलने लगा राजा हुंकार देता गया – मटका- “एक […]

चौबोली : कहानी

एक दिन राजा विक्रमादित्य और उसकी एक रानी के साथ थोड़ी बहस हो गयी रानी कहने लगी-” मैं रूठ गयी तो आपको मेरे जैसी रूपवती व गुणवान पत्नी कहाँ मिलेगी ?” राजा बोला- ” मैं तो तेरे से भी सुन्दर व गुणवान ऐसी पत्नी ला सकता हूँ जिसका तूं तो किसी तरह से मुकाबला ही […]

बुरे का फल बुरा ही मिलता है : कहानी

एक ठाकुर और एक नाई के बेटे में बड़ी मित्रता थी| नाई का बेटा बड़ा कुब्दी (कुटिल) व ठाकुर का बेटा बड़ा भोला था| ठाकुर और ठकुराइन के अलावा गांव के लोगों ने भी कुंवर को काफी समझाया कि नाई के बेटे से मित्रता छोड़ दो यह आपके लिए ठीक नहीं है कभी ये मित्रता […]

किया ! पर करना नहीं जाना !!

किया ! पर करना नहीं जाना !!

एक राजा को एक रात सपना आया कि- उसके सोने के थाल में सोने के कटोरे में परोसी खीर में कौवे ने चौंच मार दी| दूसरे दिन सुबह ही राजा ने अपने मंत्रियों आदि सभी को बुलाकर रात को आया अपना सपना सुना सपने का अर्थ पुछा| पर राजा के दरबार में कोई भी व्यक्ति […]

रामप्यारी रो रसालो

रामप्यारी रो रसालो : उन दिनों पुरे राजस्थान और राजस्थान के सभी रजवाड़ों को मराठों ने लूटपाट कर तंग कर रखा था| मेवाड़ भी मराठों से तंग तो था ही ऊपर से वहां गृह कलह भी फ़ैल गया| चुण्डावत और शक्तावतों के बीच आपस ने अनबन चल रही थी| और उसी वक्त महाराणा अड़सिंह जी […]

मृत्यु के वक्त भी कविता

मेवाड़ के महाराणा अड़सिंहजी के वक्त मेवाड़ में जबरदस्त गृह कलह फैला हुआ था| देवगढ के रावत राघोदासजी इस गृह कलह को करवाने वालों के मुखिया था राघोदासजी के कहने से माधोराव सिंधिया भी मेवाड़ के गृह कलह में शामिल हो गया और मेवाड़ पर चढ़ाई करने के लिए चल दिया| मेवाड़ के सभी सरदारों […]