राजा मानसिंह द्वारा पत्थर की शिला के बदले जीता हुआ राज्य वापस

“राजा मानसिंह द्वारा पत्थर की शिला के बदले जीता हुआ राज्य वापस” शीर्षक पढ़कर आप भी चौंक गए होंगे कि क्या कोई पत्थर की शिला के बदले राज्य वापस कर सकता है| पर हाँ यह सच है ! राजा मानसिंह आमेर ने ढाका से 18 किलोमीटर दूर स्थित जैसोर राज्य पर आक्रमण कर वहां के […]

राजा मानसिंह द्वारा वाराणसी में निर्मित मानमंदिर व घाट

Man Mandir Varansi आमेर के राजा मानसिंह ने देश के विभन्न भागों में बहुत से मंदिरों का निर्माण करवाया व कई मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया, हरिद्वार में हर की पौड़ी बनवाई| अपने इसी धार्मिक क्रियाकलापों की श्रंखला में राजा मानसिंह ने वाराणसी में एक मंदिर और घाट बनवाया, जिसे मानमंदिर के नाम से जाता है […]

राजा मानसिंह आमेर और सनातन धर्म

आमेर के इतिहास प्रसिद्ध राजा मानसिंह सनातन धर्म के अनन्य उपासक थे. वे सनातन धर्म के सभी देवी और देवताओं के भक्त थे व स्वधर्म में प्रचलित सभी सम्प्रदायों का समान रूप से आदर करते थे| उनकी धार्मिक आस्था पर भले ही समय समय पर किसी सम्प्रदाय विशेष का प्रभाव रहा हो, पर वे हमेशा […]

कवियां रौ कलपतरू मानसिंघ

राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से……….. जोधांण जोध महाराजा मानसिंघ (Maharaja Man Singh, Jodhpur) आपरै समै में घणा ठणका जोमराड़ राजा बाजियां। मारवाड़ में घणौ धळ-धौकळ, गोधम-धाड़ मानसिंघ रै बखत हुयौ। मारवाड़ रा थाप उथाप सांवत सूरमावां, रावां उमरावां नै पड़ौसी जैपुर, सेखावाटी, बीकानेर रै राजावां रै साथ मानसिंघ […]