राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप के मध्य सम्बन्ध

राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप के मध्य सम्बन्ध

राजा मानसिंह आमेर वैसा नहीं था जैसा आज जन सामान्य में प्रचलित है। यह तो उस समय की राजनीतिक मजबूरी थी जो उसे मुगल साम्राज्य की सेवा में रहना पड़ा था। अन्यथा मानसिंह स्वयं स्वतंत्रता प्रिय व धर्मवान शासक था। मैं यहाँ पुनः हल्दी घाटी के युद्ध की बात कर रहा हूँ जिसमें कहने को […]

जब राजा मानसिंह आमेर ने लंका विजय की ठानी

जब राजा मानसिंह आमेर ने लंका विजय की ठानी

Raja Mansingh Amer History in Hindi अफगानिस्तान के जिन कबीलों को वर्तमान विश्व महाशक्ति अमेरिका और सोवियत रूस अपने अत्याधुनिक हथियारों के बल पर हराना तो दूर, झुका तक नहीं सके, उन्हीं अफगानिस्तान के शासकों, कबीलों को आमेर के Raja Man Singh ने नाकों चने चबवा दिए थे| सन 1585 में काबुल के शासक मिर्जा […]

मंदिरों पर पंचरंगा ध्वज और राजा मानसिंह आमेर

मंदिरों पर पंचरंगा ध्वज और राजा मानसिंह आमेर

किसी भी राजा या धर्म की ध्वजा उनके वर्चस्व, प्रतिष्ठा, बल और इष्टदेव का प्रतीक होता है। हर राजा, देश या धर्म की अपनी अपनी अलग अलग रंग की ध्वजा (झण्डा) होती है। सनातन धर्म के मंदिरों में भगवा व पंचरंगा ध्वज लहराते नजर आते है। भगवा रंग सनातन धर्म के साथ वैदिक काल से […]

Raja Man Singh Amer

Raja Man Singh Amer

Raja Mansingh,Amer History in Hindi, Raja Mansingh of Amer ये लाल किले ये मोती मस्जिद हाय-हाय क्या सुना रही। काबुल में जाकर के देखो कबरें अब भी सिसक रही।। लेखक : छाजू सिंह, बड़नगर राजा मानसिंह आमेर के राजा भगवन्तदास कछावा के बड़े पुत्र थे। इनका जन्म वि.सं. 1607 पोष बदि 13 (ई.स. 1550 दिसम्बर […]

राणा प्रताप और मानसिंह के बीच भोजन विवाद का सच

राणा प्रताप और मानसिंह के बीच भोजन विवाद का सच

महाराणा प्रताप और कुंवर मानसिंह के मध्य राणा का मानसिंह के साथ भोजन ना करने के बारे में कई कहानियां इतिहास में प्रचलित है| इन कहानियों के अनुसार जब मानसिंह महाराणा के पास उदयपुर आया तब महाराणा प्रताप ने उनके साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करते हुये आदर किया और मानसिंह के सम्मान हेतु भोज का आयोजन […]