गांवों में रिफाइंड के नाम पाम आयल बेचने का घिनौना खेल

गांवों में रिफाइंड के नाम पाम आयल बेचने का घिनौना खेल

भारत में ज्यादातर व्यवसाय आपसी भरोसे से चलता है और खासकर गांवों में तो दुकानदार व ग्राहक के बीच यह भरोसा बहुत सुदृढ़ होता है| यही कारण है कि गांवों की दुकानों पर उधारी की सूची काफी लम्बी होती है, दुकानदार को यह उधारी फसल आदि निकलने के बाद ही मिलती है| दुकानदार ग्राहक पर […]

राष्ट्र व समाजद्रोह के नये पैमाने घड़ने में लगे ठेकेदार

राष्ट्र व समाजद्रोह के नये पैमाने घड़ने में लगे ठेकेदार

जब से मानव समाज के रूप में रहने लगा, मानव की रहन-सहन संस्कृति विकसित हुई| मानव द्वारा सामाजिक व राज व्यवस्था स्थापित करने के बाद समाज व राष्ट्र के विरोधी कार्य को समाज व राष्ट्रद्रोह के रूप में जाना जाने लगा और इस द्रोह की जघन्यता के आधार पर इसके लिए कई दंड लागू किये, […]

एक अनोखा पेड़ जिस पर लगते है हुबहू महिला आकृति जैसे फल

एक अनोखा पेड़ जिस पर लगते है हुबहू महिला आकृति  जैसे फल

मानव भले ही अन्तरिक्ष में कितनी ही ऊँची छलांग लगा ले, लेकिन अभी तक धरती पर प्रकृति द्वारा रचित सभी रचनाओं को नहीं खोज पाया है| अभी भी प्रकृति द्वारा अनेकों रचनाएँ है जिनसे मानव बहुत दूर है| इस तरह की प्रकृति प्रदत रचनाएँ शैने: शैने: मानव के सामने आती रहती है और वह इन […]

नरेगा ने नरक बना दिए ग्रामीण रास्ते

नरेगा ने नरक बना दिए ग्रामीण रास्ते

जब सरकार ने महात्मा गाँधी के नाम से मनरेगा (Narega) के रूप में देश के बेरोजगारों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी तो लोगों ने इसे ऐतिहासिक बताया| मजदुर हितों से जुड़े संगठनों ने भी इसे मजदूरों की जीत बताते हुये आशा व्यक्त की कि अब मजदूरों का शोषण नहीं होगा और मजदूर […]