पृथ्वीराज चौहान: महानतम हिन्दू शासक

पृथ्वीराज चौहान: महानतम हिन्दू शासक

Prithviraj Chauhan : The Great Hindu King लेखक : सचिन सिंह गौड़, संपादक, सिंह गर्जना भारत वर्ष के अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान को उनकी जयंती पर समर्पित खोज परक लेखों की एक विशेष श्रंखला जिसका उद्देश्य पृथ्वीराज चौहान के विराट और महान व्यक्तित्व को सही ढंग से प्रस्तुत करना है। पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास […]

पृथ्वीराज काल : दिल्ली की स्थिति

पृथ्वीराज काल : दिल्ली की स्थिति

यूँ तो इतिहासकारों की नजर में पृथ्वीराज चौहान के समय की अधिकांश बातें ही विवादास्पद हैं। उनमें से ही एक है दिल्ली की स्थिति। इसे लेकर कई मत प्रचलित है, जिनमें प्रमुख है चौहानों का दिल्ली पर शासन था। अधिकांश इतिहासकारों ने पृथ्वीराज चौहान को अन्तिम दिल्ली सम्राट, दिल्लीपति आदि आदि घोषित किया है। पृथ्वीराज […]

पृथ्वीराज चौहान : महानतम राजपूत शासक

पृथ्वीराज चौहान : महानतम राजपूत शासक

भारत वर्ष के अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान (Prithviraj Chauhan) को उनकी जयंती पर समर्पित खोज परक लेखों की एक विशेष श्रंखला जिसका उद्देश्य पृथ्वीराज चौहान के विराट और महान व्यक्तित्व को सही ढंग से प्रस्तुत करना है। पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास का एक ऐसा चेहरा है जिसके साथ वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष इतिहासकारों ने सबसे […]

गौरी का इतिहास और पृथ्वीराज

गौरी का इतिहास और पृथ्वीराज

अपनी क्रूरता, बर्बरता और पाशविकता में मोहम्मद गौरी Mohmmad Ghori अपने से पूर्व आये मलेच्छ मुस्लिम आक्रमणकारियों मुहम्मद बिन कासिम और महमूद गजनवी से जरा भी भिन्न न था। लेकिन इतना अंतर था कि पूर्ववती मुस्लिम आक्रमणकारियों का उद्देश्य मात्र लूटपाट और इस्लाम का प्रचार था। जबकि उनसे भिन्न मोहम्मद गौरी भारत में मुस्लिम सत्ता […]

पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुये युद्ध

पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुये युद्ध

किंवदंतियों के अनुसार पृथ्वीराज चौहान ने 16 बार मोहम्मद गौरी को पराजित किया और हर बार गौरी ने उससे पैरों में गिरकर क्षमा मांगी और पृथ्वीराज ने उसे छोड़ दिया। यदि तार्किक रूप से भी देखें तो यह ठीक नहीं लगता। यह सही है कि पृथ्वीराज युवा था, उच्च्श्रन्ख्ल था लेकिन वह 21 भीषण युद्ध […]

क्या होता यदि पृथ्वीराज चौहान गौरी का वध कर देता ?

क्या होता यदि  पृथ्वीराज चौहान गौरी का वध कर देता ?

लेखक : सचिन सिंह गौड़, संपादक, “सिंह गर्जना” पृथ्वीराज चौहान को समर्पित इस विशेष श्रंखला के प्रथम भाग को हमनें इस प्रश्न के साथ समाप्त किया था कि- क्या होता यदि तराइन के दूसरे युद्ध में (1192) पृथ्वीराज की हार नहीं होती, बल्कि जीत होती और मोहम्मद गौरी को मार दिया जाता? यधपि ये एक […]

दुष्प्रचार का शिकार : जयचंद

किसी भी धोखेबाज, देशद्रोही या गद्दार के लिए जयचंद नाम मुहावरे की तरह प्रयोग किया जाता है| साहित्यिक रचनाएँ हो, कवियों की काव्य रचनाएँ हो या देशवासियों के आम बोलचाल की भाषा में धोखेबाज, गद्दार, घर के भेदी, देशद्रोही को जयचंद की तुरंत उपमा दे दी जाती है| बेशक उपमा देने वाला व्यक्ति जयचंद के […]