गौरक्षा के लिए औरंगजेब की सेना से भीड़ गए थे अहीर, गुर्जर युवा

गौरक्षा के लिए औरंगजेब की सेना से भीड़ गए थे अहीर, गुर्जर युवा

आजकल गौ तस्करों व गौ हत्यारों के खिलाफ हिन्दू गौ रक्षकों की कार्यवाहियां अख़बारों की सुर्खियाँ बन रही है| एक स्थान से दूसरे स्थान पर गाड़ियों में अवैध रूप से काटने के लिए ले जाई जाने वाली गायों को बचाने के लिए कई स्वप्रेरित युवा संगठनात्मक रूप से जुटे है| गौ-वध व गौ तस्करी शुद्ध […]

अपने विरोधी के प्रति ऐसा सद्भाव एक सामंत ही रख सकता है

अपने विरोधी के प्रति ऐसा सद्भाव एक सामंत ही रख सकता है

यह एक विडम्बना ही कहिये कि महाराजा बीकानेर सर गंगासिंह और व्यासजी (Jai Narayan Vyas)एक-दूसरे के जन्मजात शत्रु माने जाते थे परन्तु जब सर गंगासिंह को यह मालूम पड़ा कि व्यासजी की बम्बई में आर्थिक स्थिति अति नाजुक है और वे फिल्म लाइन में जाने की सोच रहे हैं तो उन्हें बड़ा सदमा पहुँचा। उस […]

भूसे में हिस्सा लेने वाले मीणा राजा का पतन

भूसे में हिस्सा लेने वाले मीणा राजा का पतन

1952 के पहले चुनावों में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने राजाओं की लोकप्रियता से कांग्रेसी उम्मीदवारों की चुनावी हार के डर से राजाओं को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए स्पष्ट चेतावनी वाला व्यक्तव्य दिया कि – यदि राजा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ खड़े हुए तो उन्हें अपने प्रिवीपर्स (हाथखर्च) और विशेषाधिकारों से हाथ […]

जब पशु बलि राज्य खोने का कारण बनी

जब पशु बलि राज्य खोने का कारण बनी

पशु बलि की परम्परा क्षत्रियों में कब शुरू हुई, क्या क्षत्रिय प्राचीन काल से मांसाहारी थे? क्षत्रियों में अपनी कुलदेवी के लिए पशु बलि देने व शराब चढाने की परम्परा कब शुरू हुई यह शोध का विषय है| लेकिन क्षत्रिय चिंतकों व विद्वानों के अनुसार क्षत्रियों में पशु बलि व मदिरा चढाने की पूर्व में […]

दलित सम्मान की एक अनूठी क्षत्रिय परम्परा

दलित सम्मान की एक अनूठी क्षत्रिय परम्परा

राजस्थान के राजपूत समाज में दलितों को सम्मान देने के लिए सदियों से कई ऐसी परम्पराएं चली आ रही है, जिन्हें आज भी सुचारू रूप से निभाया जाता है| राजस्थान में सदियों तक शासन करने वाली राजपूत जाति द्वारा दलित सम्मान के लिए निभाई जाने वाली परम्पराओं में सबसे ज्यादा सम्मान मेहतर (हरिजन) जाति को […]

गांवों में रिफाइंड के नाम पाम आयल बेचने का घिनौना खेल

गांवों में रिफाइंड के नाम पाम आयल बेचने का घिनौना खेल

भारत में ज्यादातर व्यवसाय आपसी भरोसे से चलता है और खासकर गांवों में तो दुकानदार व ग्राहक के बीच यह भरोसा बहुत सुदृढ़ होता है| यही कारण है कि गांवों की दुकानों पर उधारी की सूची काफी लम्बी होती है, दुकानदार को यह उधारी फसल आदि निकलने के बाद ही मिलती है| दुकानदार ग्राहक पर […]

राष्ट्र व समाजद्रोह के नये पैमाने घड़ने में लगे ठेकेदार

राष्ट्र व समाजद्रोह के नये पैमाने घड़ने में लगे ठेकेदार

जब से मानव समाज के रूप में रहने लगा, मानव की रहन-सहन संस्कृति विकसित हुई| मानव द्वारा सामाजिक व राज व्यवस्था स्थापित करने के बाद समाज व राष्ट्र के विरोधी कार्य को समाज व राष्ट्रद्रोह के रूप में जाना जाने लगा और इस द्रोह की जघन्यता के आधार पर इसके लिए कई दंड लागू किये, […]

एक अनोखा पेड़ जिस पर लगते है हुबहू महिला आकृति जैसे फल

एक अनोखा पेड़ जिस पर लगते है हुबहू महिला आकृति  जैसे फल

मानव भले ही अन्तरिक्ष में कितनी ही ऊँची छलांग लगा ले, लेकिन अभी तक धरती पर प्रकृति द्वारा रचित सभी रचनाओं को नहीं खोज पाया है| अभी भी प्रकृति द्वारा अनेकों रचनाएँ है जिनसे मानव बहुत दूर है| इस तरह की प्रकृति प्रदत रचनाएँ शैने: शैने: मानव के सामने आती रहती है और वह इन […]

नरेगा ने नरक बना दिए ग्रामीण रास्ते

नरेगा ने नरक बना दिए ग्रामीण रास्ते

जब सरकार ने महात्मा गाँधी के नाम से मनरेगा (Narega) के रूप में देश के बेरोजगारों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी तो लोगों ने इसे ऐतिहासिक बताया| मजदुर हितों से जुड़े संगठनों ने भी इसे मजदूरों की जीत बताते हुये आशा व्यक्त की कि अब मजदूरों का शोषण नहीं होगा और मजदूर […]

भारतीय राजाओं को हर बार महंगी पड़ी उदारता

भारतीय राजाओं को हर बार महंगी पड़ी उदारता

भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही सहिष्णुता, उदारता, परमार्थ आदि गुणों के लिए प्रसिद्ध रही है| विदेशी आक्रान्ताओं के साथ भी हमारे यहाँ के शासकों ने संस्कृति अनुरूप उचित व्यवहार किया| शत्रु आक्रान्ता भले वह विदेशी हो या देशी, के पकड़े जाने पर कभी भी उसके साथ किसी राजा ने क्रूर व्यवहार नहीं किया| […]

1 2 3 6