आधुनिक परिवार

”माम” अपनी तो ”डैड” अपनी ”मायावी” दुनिया में मस्त हैं ..! ”संताने” अपने अपने महंगे गैजेट्स में अस्त-व्यस्त हैं …!! उनको नहीं मतलब संताने क्या गुल खिला रही हैं ..! किस से कर रही हैं डेटिंग और किसे घर बुला रही हैं..!! दादा-दादी तो अब ऐसे कम ही घरों में नजर आते हैं..! आते भी […]

भारत माँ की आवाज़ : कमलेश चौहान (गौरी)

चिता पर जब ऐ ! मेरे वीरो तुम्हारा ठंडा जिस्म भेंट किया होगा। आग का हर शोला लेकर तुम्हारा नाम बन्दे मातरम कहता होगा। भारत माँ भी तेरे कदमों में तड़प तड़प कर कैसे रो उठी होगी। तेरी चिता की धूल लहरा, रोती हुई यूँ मस्तक झुका गयी होगी। गंगा जमुना की लहरें भी उछल […]

सावण आयो री सखी,मन रौ नाचै मोर

सावण आयो री सखी, मन रौ नाचै मोर । जल बरसाव बादळी, अगहन लगी चहूं और ।। झड़ लागी सावण की ,टिप -टिप बरसै मेह। यौवन पाणी भिजतां, तापे सगळी देह ।। झिर -मिर मेवो बरसता, बिजली कड़का खाय । साजन का सन्देश बिना, छाती धड़का खाय ।। काली -पीली बादळी, छाई घटा घनघोर । […]

कुम्भा महल और विजय स्तंभ : चितौडगढ़

कुम्भा के महलों के भग्नावशेष और यह पास में खड़ा हुवा विजय स्तम्भ ! एक ही चेहरे की दो आँखे है जिसमे एक में आंसू और दूसरी में मुस्कराहट सो रही है | एक ही भाग्य विधाता की दो कृतियाँ है- एक आकाश चूम रहा है और दूसरा प्रथ्वी पर छितरा गया है | एक […]

जौहर स्थल, चितौड़गढ़

राजस्थान में राजपूत शासन काल में युद्ध के बाद अनिष्ट परिणाम और होने वाले अत्याचारों व व्यभिचारों से बचने और अपनी पवित्रता कायम रखने हेतु महिलाएं अपने कुल देवी-देवताओं की पूजा कर, तुलसी के साथ गंगाजल का पानकर जलती चिताओं में प्रवेश कर अपने सूरमाओं को निर्भय करती थी कि नारी समाज की पवित्रता अब […]

चितौड़ की रानी पद्मिनी का जौहर (विडियो सुनें)

विस्मृति बता रही है- यह तो रानी पद्मावती का महल है | इतिहास की बालू रेत पर किसी के पदचिन्ह उभरते हुए दिखाई दे रहे है| समय की झीनी खेह के पीछे दूर से कहीं आत्म-बलिदान का उत्सर्ग की महान परम्परा का कोई कारवां आ रहा है| उस कारवां के आगे चंडी नाच रही है| […]

ओजस्विता से भरपूर राजस्थानी दोहे हिंदी अनुवाद सहित

केसर निपजै न अठै,नह हीरा निकलन्त |सिर कटिया खग झालणा,इण धरती उपजंत || यहाँ केसर नहीं निपजती,और न ही यहाँ हीरे निकलते है | वरन यहाँ तो सिर कटने के बाद भी तलवार चलाने वाले वीर उत्पन्न होते है | धोरां घाट्यां ताल रो,आंटीलो इतिहास |गांव गांव थरमापली,घर घर ल्यूनीडास || यहां के रेतिले टीलों,यहां […]

दीपावली की जगमगाती शुभकामनाएँ

दीपावली के जमागते पर्व पर ज्ञान दर्पण परिवार की और से सभी को बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएँ | दीप अमावस रातड़ी, दीपक लड़ी सुहाय |जाणे जगमग जगमगै, आभो धरती आय || दीपमालिका की अमावस्या की रात्री में दीपों की पंक्तियाँ ऐसी शोभायमान हो रही है ,जैसे तारों से जगमग करता आकाश ही धरती पर […]

मानव मूल्य

उपरोक्त रचना फेसबुक मित्र श्री हरिकृष्ण लाल सचदेव द्वारा ज्ञान दर्पण पर प्रकाशनार्थ भेजी गयी जो आपके सम्मुख प्रस्तुत है संघर्ष एवं क्षत्रिय | pc to phone काल करे जी मेल के द्वाराताऊ अस्पताल में बाबाश्री ललितानंद जी महाराजहिंदुस्तान का दिल है दिल्ली !

राजिया रा सौरठा -१० अंतिम भाग

नैन्हा मिनख नजीक , उमरावां आदर नही |ठकर जिणनै ठीक, रण मे पड़सी राजिया || जो छोटे आदमियों(क्षुद्र विचारो वाले) को सदैव अपने निकट रखता है और उमरावों ( सुयोग्य व सक्षम व्यक्तियों) का जहां अनादर है, उस ठाकुर (प्रसाशक) को रणभूमि (संकट के समय) मे पराजय का मुंह देखने पर ही अपनी भूल का […]