खांडा विवाह परम्परा ना मानना भारी पड़ा था इस नगर को

हमारा देश विभिन्न धर्मों, जातियों, समुदायों, पंथो व संस्कृति वाला देश है| देश के विभिन्न हिस्सों व जाति, धर्मों में विभिन्न परम्पराओं का प्रचलन है| इन परम्पराओं का कहीं कड़ाई से तो कहीं प्रतीकात्मक प्रचलन है| अपने आपको विकासशील मानने वाले कई लोग अपने समुदायों में चलने वाली परम्पराओं को रुढी, कुरीति मानते है और […]

राजस्थान रा इतिहास रौ वेदव्यास-नैणसी

राजस्थान रा इतिहास रौ वेदव्यास-नैणसी

ठाकुर सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से………… राजस्थान री धरती सूरां वीरां री कर्तव्य भौम, प्रेम रा पुजारियां री रंग-थळी, साध-संतां री साधना स्थळी नै जती-मुनियाँ री भ्रमण भौम रैयी है। जुद्ध अनै प्रेम, हिंसा नै अहिंसा, भौतिक नै आध्यात्मिक कमाँ रौ अैड़ौ अेक-दूजा सूं मेळ किणी बीजा भूखण्ड में नीं मिलै। मरुथळ रै नांव […]