राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप के मध्य सम्बन्ध

राजा मानसिंह और महाराणा प्रताप के मध्य सम्बन्ध

राजा मानसिंह आमेर वैसा नहीं था जैसा आज जन सामान्य में प्रचलित है। यह तो उस समय की राजनीतिक मजबूरी थी जो उसे मुगल साम्राज्य की सेवा में रहना पड़ा था। अन्यथा मानसिंह स्वयं स्वतंत्रता प्रिय व धर्मवान शासक था। मैं यहाँ पुनः हल्दी घाटी के युद्ध की बात कर रहा हूँ जिसमें कहने को […]

हल्दीघाटी युद्ध v/s दिवेर युद्ध

हल्दीघाटी युद्ध v/s दिवेर युद्ध

Haldighati war v/s Diver war story in Hindi दिवेर युद्ध का इतिहास हल्दीघाटी युद्ध महाराणा प्रताप ने अपनों के साथ लड़ा, उसका क्या निर्णय हुआ वह हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता| लेकिन हल्दीघाटी युद्ध हमारी संस्कृति में इसलिए बहुत महत्त्वपूर्ण है कि इस युद्ध में रामशाह तोमर, हकीम खां सूर, झाला मान आदि सूरमाओं ने […]

राष्ट्रीय नायक महाराणा प्रताप

राष्ट्रीय नायक महाराणा प्रताप

पच्चीस वर्ष कष्टों के, प्रताप ने वन में सहे थे। स्वतन्त्रता के दीवानों, का भी यही था तराना। वीर शिरोमणि प्रातः स्मरणीय राणा प्रताप का जन्म वि.सं. 1596 जेष्ठ सुदी तृतीया (ई.स. 1540 मई 9) को हुआ था। प्रताप की माता अखैराज सोनगरा की पुत्री थी। राणा उदयसिंह की मृत्य वि.सं. 1629 (ई.स. 1572) को […]

क्या हल्दीघाटी युद्ध के बाद महाराणा प्रताप के पास धन की कमी थी ?

क्या हल्दीघाटी युद्ध के बाद महाराणा प्रताप के पास  धन की कमी थी ?

हल्दीघाटी के युद्ध के बाद स्वंतन्त्रता के पुजारी, आन-बान के प्रतीक, दुश्मन के आगे सिर ना झुकाने वाले महाराणा प्रताप मेवाड़ राज्य को मुगलों से आजाद कराने के लिए पहाड़ों में चले गये और वहां से मुग़ल सेना पर छापामार आक्रमण जारी रखा| कर्नल टॉड जैसे कुछ इतिहासकारों ने इस एक युद्ध के बाद ही […]

राणा प्रताप और मानसिंह के बीच भोजन विवाद का सच

राणा प्रताप और मानसिंह के बीच भोजन विवाद का सच

महाराणा प्रताप और कुंवर मानसिंह के मध्य राणा का मानसिंह के साथ भोजन ना करने के बारे में कई कहानियां इतिहास में प्रचलित है| इन कहानियों के अनुसार जब मानसिंह महाराणा के पास उदयपुर आया तब महाराणा प्रताप ने उनके साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करते हुये आदर किया और मानसिंह के सम्मान हेतु भोज का आयोजन […]

टीवी चैनल इतिहास को दूषित करने वाले सबसे बड़े तत्व

टीवी चैनल इतिहास को दूषित करने वाले सबसे बड़े तत्व

भारत के इतिहास को दूषित और विकृत कर उसमें मनघडंत झूंठे किस्से, कहानियां जोड़कर जहाँ वामपंथी व कथित सेकुलर लेखक प्रमाणित इतिहास लेखन में बाधक तत्व साबित हुए, उससे ज्यादा इतिहास को तोड़ मरोड़कर ऐतिहासिक पात्रों पर फ़िल्में, सीरियल आदि बनाकर इतिहास को दूषित व विकृत करने में टीवी चैनल्स का सबसे बड़ा हाथ रहा| […]

क्या महाराणा प्रताप को खानी पड़ी थी घास की रोटियां? या टॉड ने फैलाई भ्रान्ति

क्या महाराणा प्रताप को खानी पड़ी थी घास की रोटियां? या टॉड ने फैलाई भ्रान्ति

अकबर के साथ स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान महाराणा ने महल त्याग कर पहाड़ों में रहकर अकबर की शाही सेना के खिलाफ निरंतर संघर्ष जारी रखा| इस संघर्ष पर अपनी कलम चलाते हुए कई लेखकों, रचनाकारों ने कविताएं लिखी, जिनमें राणा के संघर्ष की कठिनाईयों को घास की रोटियां खाने की उपमाएं दी गई| इसी […]

घास की रोटियां का बिलाव द्वारा छीन ले जाना : एक इतिहास प्रवाद, एक भ्रान्ति

भारत में इतिहास लेखन कभी रुचिकर नहीं रहा| भारतीय शासक इतिहास लेखन को लेकर प्राचीन काल से उदासीन रहे| लेकिन भारत के साहित्यकारों ने अपने साहित्य में ऐतिहासिक घटनाकर्मों का जमकर जिक्र किया| यही कारण है कि राजस्थान सहित भारत का ज्यादातर साहित्य वे ही लोग समझ सकते है जो इतिहास के जानकार है| और […]

आजाद भारत में कब तक विस्थापित रहेंगे महाराणा प्रताप ?

आजाद भारत में कब तक विस्थापित रहेंगे महाराणा प्रताप ?

महाराणा प्रताप ने शक्तिशाली मुग़ल बादशाह अकबर से अल्प संसाधनों के सहारे स्वतंत्रता की रक्षा हेतु वर्षों संघर्ष किया, महल छोड़ जंगल जंगल भटके, सोने चांदी के बर्तनों में छप्पन भोग करने करने वाले महाराणा ने परिवार सहित घास की रोटियां खाई, पर अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया और लम्बे संघर्ष […]