महाराज शक्ति सिंह, मेवाड़

महाराज शक्ति सिंह, मेवाड़

Maharaj Shakti Singh History in Hindi यहीं शक्तिसिंह आ के मिला, राम से ज्यों था भरत मिला। बिछुड़े दिल यदि मिलते हों तो, पगले अब तो मिलने दे। लेखक :छाजू सिंह, बड़नगर शक्तिसिंह मेवाड़ के राणा उदयसिंह के द्वितीय पुत्र थे। यह राणा प्रताप से छोटे थे। शक्तिसिंह अपने पिता के समय ही मेवाड़ छोड़कर […]