क्रांतिवीर : लोटियो जाट और सांवतो मीणों

क्रांतिवीर : लोटियो जाट और सांवतो मीणों

वि.स. 1903 की एक सुबह आगरा के लाल-किले के प्रहरियों ने देखा -किले के मुख्य द्वार से थोड़ी दूर एक महात्मा ने धूणा लगा रखा है महात्मा खुद तो ध्यान में मग्न है और उनका चेला धूणे में लकड़ियाँ डाल रहा है राह चलते लोग बाबा को प्रणाम करने रुक रहे थे,चेला उनसे कह रहा […]