जब कवि ने शौर्य दिखाया

जोधपुर के महाराजा मानसिंह का कव्यानुराग, विद्याप्रेम, कलाप्रियता, दानशीलता, गुणग्राहकता, गुरुभक्ति, स्वतान्त्र्यप्रेम के साथ शासक के तौर पर कठोर दंड व्यवस्था में निर्दयी दंडात्मक विधियाँ लोकमानस में आज भी जनश्रुतियों के रूप में काफी लोकप्रिय व प्रचलित है| उनके आचरण के दोनों रूप – पहला प्रतिकारी हिसंक रूप और दूसरा प्रशंसा और आभार प्रदर्शन का […]

जब कवियों ने मनाई मित्र राजा की रूठी प्रेयसी

जब कवियों ने मनाई मित्र राजा की रूठी प्रेयसी

जोधपुर के राजा मानसिंह को इतिहास में शासक के रूप में कठोर, निर्दयी, अत्यंत क्रूर और कूटनीतिज्ञ माना जाता है पर साथ ही उनके व्यक्तित्त्व का एक दूसरा रूप भी था वे भक्त, कवि, कलाकार, उच्च कोटि के साहित्यकार, कला पारखी व कलाकारों, साहित्यकारों, कवियों को संरक्षण देने वाले दानी व दयालु व्यक्ति भी थे|  […]

राजस्थान की प्रेम कहानियां

राजस्थान की प्रेम कहानियां

राजस्थान के इतिहास और साहित्य में जिस तरह अनगिनत वीरों की वीरता की कहानियां बिखरी पड़ी है ठीक वैसे ही अनगिनत प्रेम कहानियां भी साहित्य व इतिहास के अलावा कवियों की कविताओं, दोहों के साथ जन मानस द्वारा गाये जाने लोक गीतों व कहानियों में अमर है| इन प्रेम कहानियों में ढोला-मारू, मूमल-महिंद्रा, रामू-चनणा, बाघा-भारमली, […]

भाग्य में जो लिखा वो मिला -2 : कहानी

भाग एक से आगे…………. होळी के रंगीले त्यौहार पर राजा ने होळी खेलने का अपने बगीचे में कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमे दींगल को सपत्नीक आमंत्रित किया गया| कुंवरी ने फिर चतुराई से काम लिया, उसने सात रथ एक साथ जोड़े जो एक के साथ एक चिपके थे, सातों रथों में अंदर से एक दूसरे में […]

भाग्य में जो लिखा वो मिला : कहानी

एक राजा के दो बेटे थे| बड़ा सींगल भोला भाला तो, छोटा दींगल बहुत कुशल और होशियार| राजा की मृत्यु के बाद बड़ा बेटा सींगल राजा बना पर राज्य के सभी कार्यों का भार दींगल पर, जिसे वह बड़े मनोयोग से पुरा करता पर यह बात राजा सींगल की पत्नी को बड़ी अखरती| वह दींगल […]

बांका पग बाई पद्मा रा

राजस्थान में एक कहावत है “बांका पग बाई पद्मा रा” यदि आपको किसी बात पर किसी व्यक्ति पर पूरा शक है कि ये गलती इसी की है तो कह दिया जाता “बांका पग बाई पद्मा रा” अर्थात कसूर तो इसका ही है |संदर्भ कथा –आज से कोई चार सौ वर्ष पहले मारवाड़ राज्य के एक […]

कितने जगमाल ?

कितने जगमाल ?

उस समय अहमदाबाद पर महमूद बेग का शासन था,उसके राज्य में पाटण नाम का एक नगर उसका सूबेदार हाथीखान | पाटण नगर के अधीन ही एक गांव का तेजसिंह तंवर नाम का एक राजपूत रहवासी | तेजसिंह नामी धाड़ायती,दूर तक धाड़े (डाके) डालता,उसके दल में तीन सौ हथियार बंद वीर राजपूत | उसके नाम से […]

जैसी करनी वैसी भरनी

जैसी करनी वैसी भरनी

एक राजा के कुंवर की एक नाई से बहुत अच्छी मित्रता थी | कुंवर शिकार खेलते वक्त,खाते-पीते, सोते,उठते बैठते हर समय नाई को साथ रखते | नाई स्वभाव से बहुत कुटिल था और उसकी कुटिलता कुंवर के अलावा सब जानते थे | कुंवर के दुसरे मित्रों, घर के बड़े बुजुर्गों,राज्य के प्रधान सभी ने कुंवर […]