सचियाय माता

सचियाय माता

sachiyay Mata temple Osian Rajasthan सचियाय (सच्चिवाय) माता का भव्य मंदिर जोधपुर से लगभग 60 कि.मी. की दूरी पर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर ओसियॉ में स्थित है। इसीलिये इसे ओसियॉ माता भी कहा जाता है। ओसियां प्राचीनकाल से धार्मिक व कला का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहाँ पर 8 वीं व 12 वीं सदी के […]

भाटी राजवंश की कुलदेवी स्वांगियां माता

भाटी राजवंश की कुलदेवी स्वांगियां माता

स्वांगियां माता : राजस्थान के जनमानस में आस्था की प्रतीक लोकदेवियों, कुलदेवियों के उद्भवसूत्र पर यदि दृष्टि डाली जाये तो हम पायेंगे कि शक्ति की प्रतीक बहुत सी प्रसिद्ध देवियों का जन्म चारणकुल में हुआ है। चारणकुल में जन्मी प्रसिद्ध देवियों में आवड़, स्वांगियां, करणी माता आदि प्रमुख है। विभिन्न राजवंशों की गौरवगाथाओं के साथ […]

पुण्डीर व दाहीमा क्षत्रियों की कुलदेवी दधिमती माता

पुण्डीर व दाहीमा क्षत्रियों की कुलदेवी दधिमती माता

दधिमती माता मंदिर : भारतीय स्थापत्यकला एवं मूर्तिकला का गौरव, प्रतिहारकालीन मंदिर स्थापत्य मूर्तिकला का सुन्दर उदाहरण, प्राचीन भारतीय वास्तुकला की उत्कृष्ट कला का प्रतिनिधित्व करता, दधिमती माता का मंदिर राजस्थान के नागौर जिले के जायल कस्बे के पास गोठ मांगलोद गांव में स्थित है। महामारू शैली का श्वेत पाषाण से निर्मित शिखरबद्ध यह मंदिर […]

करणी माता मंदिर देशनोक बीकानेर

करणी माता मंदिर देशनोक बीकानेर

करणी माता मंदिर  : राजस्थान के बीकानेर शहर से 32 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में बीकानेर नागौर सड़क मार्ग पर देशनोक बसा हुआ है। इसी देशनोक में विश्व में चूहों वाले मंदिर के नाम विख्यात, शक्ति के उपासकों का श्रद्धास्थल, गौसेवा व शक्ति की प्रतीक श्री करणी माता का मंदिर है। श्री करणी मढ देशनोक […]

Ashapura Mata चौहान वंश की कुलदेवी आशापुरा माता

Ashapura Mata चौहान वंश की कुलदेवी आशापुरा माता

Ashapura Mata : नाडोल शहर (जिला पाली,राजस्थान) का नगर रक्षक लक्ष्मण हमेशा की तरह उस रात भी अपनी नियमित गश्त पर था। नगर की परिक्रमा करते करते लक्ष्मण प्यास बुझाने हेतु नगर के बाहर समीप ही बहने वाली भारमली नदी के तट पर जा पहुंचा। पानी पीने के बाद नदी किनारे बसी चरवाहों की बस्ती पर […]

कुलदेवी क्षेमंकरी (खीमज) माता

कुलदेवी क्षेमंकरी (खीमज) माता

Khimaj Mata Bhinmal क्षेमाचर्या क्षेमंकारी देवी जिसे स्थानीय भाषाओं में क्षेमज, खीमज, खींवज आदि नामों से भी पुकारा व जाना जाता है। इस देवी का प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर राजस्थान के भीनमाल कस्बे से लगभग तीन किलोमीटर भीनमाल खारा मार्ग पर स्थित एक डेढ़ सौ फुट ऊँची पहाड़ी की शीर्ष छोटी पर बना हुआ है। […]

तंवर वंश की कुलदेवी : चिलाय माता

तंवर वंश की कुलदेवी : चिलाय माता

लेखक : करण सिंह तंवर तु संगती तंवरा तणी चावी मात चिलाय! म्हैर करी अत मात थूं दिल्ली राज दिलाय!! चिलाय माता की तंवर वंश कुलदेवी के रूप में पूजा आराधना करता है। इतिहास में तंवरों की कुलदेवी के अनेक नाम मिलते हैं जैसे चिलाय माता, जोग माया (योग माया), योगेश्वरी (जोगेश्वरी), सरूण्ड माता, मनसादेवी […]

Jamvay Mata शेखावत, राजावत, नारुका कच्छवाहों की कुलदेवी

Jamvay Mata शेखावत, राजावत, नारुका कच्छवाहों की कुलदेवी

Jamvay Mata : ११ दिसंबर २०१२ को भानगढ़ जाते समय जमवा रामगढ़ बांध जिसका कभी जयपुर की प्यास बुझाने के लिए निर्माण किया गया था को पानी की कमी से सुखकर खुद प्यासे देख मन बहुत विचलित हुआ| वहां से आगे चलते हुए बांध की हालात और उसके जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों द्वारा बांध के डूब […]

भक्तों की मनसा पूर्ण करती – मनसा माता

भक्तों की मनसा पूर्ण करती – मनसा माता

उदयपुर (शेखावाटी) तहसील मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर खोह- गुड़ा ग्राम के पहाड़ो में मनसा माता Mansa mata पीठ स्थित है| मनसा देवी का मंदिर जीवन के तामझाम व कोलाहल से दूर प्रकृति माँ की गोद में “खोह“ से लगभग 5 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में गगन चुंबी पर्वत श्रंखलाओं की गोद में विराजमान […]

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता मंदिर धाम, शेखावाटी : जन-आस्था का केंद्र

जीण माता का मंदिर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला के निम्न भाग में सीकर से लगभग 30 कि.मी. दूर दक्षिण में सीकर जयपुर राजमार्ग पर गोरियां रेलवे स्टेशन से 15 कि.मी. पश्चिम व दक्षिण के मध्य स्थित है | यह मंदिर तीन पहाडों के संगम में 20-25 फुट की ऊंचाई पर स्थित है […]