शौर्य, भक्ति व कला का संगम महाराजा सावंतसिंह (नागरीदास)

शौर्य, भक्ति व कला का संगम महाराजा सावंतसिंह (नागरीदास)

शौर्य, भक्ति कला का संगम महाराजा सावंतसिंह (नागरीदास) वि.स. 1766 (1709 ई.) का एक दिन दिल्ली में बादशाह का एक हाथी बिगड़ कर महावतों के काबू से बाहर हो रास्ते पर दौड़ता चला जा रहा था| लोग हाहाकार मचाते, चिल्लाते रास्ता छोड़कर भाग रहे थे| उसी रास्ते में एक 10 वर्षीय क्षत्रिय बालक बेकाबू हाथी […]