जौहर स्थल, चितौड़गढ़

राजस्थान में राजपूत शासन काल में युद्ध के बाद अनिष्ट परिणाम और होने वाले अत्याचारों व व्यभिचारों से बचने और अपनी पवित्रता कायम रखने हेतु महिलाएं अपने कुल देवी-देवताओं की पूजा कर, तुलसी के साथ गंगाजल का पानकर जलती चिताओं में प्रवेश कर अपने सूरमाओं को निर्भय करती थी कि नारी समाज की पवित्रता अब […]

चितौड़ की रानी पद्मिनी का जौहर (विडियो सुनें)

विस्मृति बता रही है- यह तो रानी पद्मावती का महल है | इतिहास की बालू रेत पर किसी के पदचिन्ह उभरते हुए दिखाई दे रहे है| समय की झीनी खेह के पीछे दूर से कहीं आत्म-बलिदान का उत्सर्ग की महान परम्परा का कोई कारवां आ रहा है| उस कारवां के आगे चंडी नाच रही है| […]