आधुनिक शिक्षा के साथ जरुरी है भारतीय संस्कार

अंग्रेजों द्वारा भारतीय शिक्षा पद्धति और प्रणाली नष्ट करने के बाद भारत में एक समय ऐसा भी आया जब भारत में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग अनपढ़ थे. हमारी अधिकांश जनसँख्या अशिक्षा के घोर अंधकार में डूबी थी. और तब अंग्रेजों ने भारत में मैकाले शिक्षा पद्धति से हमें मात्र लिपिक बनाने वाली शिक्षा […]

परम्पराएं ही बचा सकती है जातीय सौहार्द

परम्पराएं ही बचा सकती है जातीय सौहार्द

भारतीय संस्कृति में अनेकों जातियों का समावेश है. अनेक जातियां सदियों से इस देश में आपसी सौहार्द से एक साथ रहती आई है. यहाँ जो भी व्यक्ति पैदा होगा वो किसी न किसी जाति में पैदा होगा, उसी में ही पलेगा बढेगा. अत: वह अपने आप इस व्यवस्था का एक अंग बन जाता है. उसकी […]

शास्त्रों में वर्णित महिलाओं की चार श्रेणियां

शास्त्रों में वर्णित महिलाओं की चार श्रेणियां

भारतीय शास्त्रों में रूप, गुण व आदतों के अनुसार महिलाओं को चार श्रेणियों में बांटा है| पद्मिनी, चित्रणी, हस्तिनी व संखिणी| महिलाओं की इन चार श्रेणियों पर विभिन्न काल में विभिन्न साहित्यकारों द्वारा बहुत कुछ लिखा गया है| प्रस्तुत है इसी सम्बन्ध में किसी साहित्यकार (शायद जायसी) द्वारा लिखी इन श्रेणियों पर काव्य रचना !! […]

क्या पारम्परिक परिधान रूढ़ीवाद व पिछड़ेपन की निशानी है ?

पिछले दिनों फेसबुक पर अपने आपको एक पढ़ी-लिखी, आत्म निर्भर, नौकरी करने, अकेले रहने, आजाद, बिंदास व स्वछंद जिंदगी जीने वाली लड़की होने का दावा करने वाली एक लड़की ने लिखा- “पढाई के दिनों उसकी एक मुस्लिम लड़की सहपाठी थी वो पढने लिखने में होशियार, समझदार, आधुनिक विचारों वाली थी पर जब बुर्के की बात […]

क्या आपने सुना है “लोटा विवाह परम्परा” के बारे में ?

ज्ञान दर्पण पर मैंने अपने एक लेख में राजस्थान की खांडा विवाह परम्परा के बारे में लिखा था| इतिहास में ऐसे कई विवाह प्रकरण आते है जिन्हें पढकर मालूम होता है कि खांडा विवाह सिर्फ राजपूतों में ही नहीं वरन उस वक्त लगभग सभी जातियों में थी जो लोग सैन्य गतिविधियों से जुड़े थे वे […]

खांडा विवाह परम्परा (तलवार के साथ विवाह)

खांडा विवाह परम्परा (तलवार के साथ विवाह)

राजस्थान के राजपूत शासन काल में राजपूत हमेशा युद्धरत रहते थे कभी बाहरी आक्रमण तो कभी अपना अपना राज्य बढ़ाने के लिए राजाओं की आपसी लड़ाईयां|इन लड़ाइयों के चलते राजपूत योद्धाओं को कभी कभी अपनी शादी तक के लिए समय तक नहीं मिल पाता था|कई बार ऐसे भी अवसर आते थे कि शादी की रस्म […]