अनूठी मित्रता

सच्चा, हर परिस्थिति में साथ देने वाला मित्र मिलना किसी भी व्यक्ति के जीवन में अमूल्य उपहार मिलने से कम नहीं है| किसी भी व्यक्ति के जीवन में एक मित्र ही ऐसा होता है, जिस पर व्यक्ति अथाह भरोसा करते हुये अपने दुःख-दर्द, ख़ुशी, यादगार, खट्टे-मीठे अनुभव साँझा करता है| मित्रता के बीच में किसी […]

ज्ञान दर्पण पर “चमत्कारी बुलेट बाबा” (ओम बना) की मेहरबानी

ज्ञान दर्पण पर “चमत्कारी बुलेट बाबा” (ओम बना) की मेहरबानी

ज्ञान दर्पण पर मैंने 6 March 2009 को एक पोस्ट लिखी थी “जहाँ मन्नत मांगी जाती है मोटरसाईकिल से”| इस पोस्ट को लिखने के लिए मुझे ओम बना (बुलेट बाबा) के बारे में जानकारी जुटानी थी और उनके बारे में जानने के लिए जोधपुर-पाली (अहमदाबाद हाइवे) मार्ग पर उनके स्थान से ज्यादा बढ़िया जगह क्या […]

सायबर संसार में भाजपा की प्रसिद्धी भुनाने लगी कांग्रेस

आपको जानकर हैरानी होगी कि कांग्रेस जैसा राष्ट्रिय सत्ताधारी दल सायबर संसार में अपने विरोधी की लोकप्रियता भुनाने में लगा है , जी हाँ ! कांग्रेस सायबर संसार में अपने आप को स्थापित करने के लिए बीजेपी.कॉम (bjp.com)के नाम का सहारा ले रही है |यदि आपको भरोसा नहीं हो तो अपने ब्राउजर में www.bjp.com टाइप […]

रेत के झरने

रेत के झरने

आपने पानी के झरने तो बहुत देखे होंगे पर रेत के झरने देखना तो दूर शायद सुने भी नहीं होंगे | पर आज आपको रेत के झरनों के कुछ चित्र दिखा रहा हूँ ये चित्र जैसलमेर के थार मरुस्थल में रहने वाले मेरे फेसबुक मित्र श्री चन्दन सिंह भाटी ने अपने केमरे से क्लिक कियें […]

कैसे कैसे विज्ञापन

कैसे कैसे विज्ञापन

आज फेसबुक पर विचरण करते हुए एक मित्र के फेसबुक एल्बम में एक विज्ञापन पट्ट का चित्र मिला जो यहाँ प्रस्तुत हैआप भी इस विज्ञापन पट्ट को देखिये और सोचिये इसकी भाषा के बारें में मेरी शेखावाटी: ब्लोगिंग के दुश्मन चार इनसे बचना मुश्किल यारताऊ डाट इन: "नाचै कुदै बान्दरी और खीर मदारी खाय"

मेरे बचपन का सावन

मेरे बचपन का सावन

सावन आ गया हमेशा की तरह पुरे एक साल बाद , हर बार की तरह अपनी खूबसूरती को समेटे …पर फिर भी कहीं न कही एसा लगता है , कि हर बार कुछ कमी रह जाती है अब सावन भी पहले जैसा नहीं रहा है .शायद होगा भी पर मेरे गाँव में तो अब वैसा […]

विलुप्त प्राय: ग्रामीण खेल : झुरनी डंडा

विलुप्त प्राय: ग्रामीण खेल : झुरनी डंडा

आज से कोई तीन दशक पहले तक गांवों में तरह -तरह के खेल खेले जाते थे | कब्बड्डी,खो खो,फूटबाल,बोलीबोल आदि के साथ रात के अँधेरे में छुपा छुपी तो दिन में गुल्ली डंडा,गुच्या दडी,सोटा दडी,कांच की गोलियों के कंचे तो दोपहर में किसी पेड़ के ऊपर झुरनी डंडा खेल खेला जाता था | गर्मियों में […]

एक ऐसी शराब जो पहनी भी जा सकती है

शराब पीने के लिए बनाई जाती है लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि शराब पहनी भी जा सकती है | आज अंतरजाल पर भटकते हुए मैं josh18 के न्यूज़ पोर्टल पर 3 अप्रेल 2007 को छपी खबर पर पहुँच गया जहाँ पता चला कि आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने रेड वाइन से एक एसा लिबास […]

राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब

राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब

राजस्थान के बड़े बड़े किलों,हवेलियों,देश के मर मिटने वालें हठीले वीरों,रंगों,त्योहारों,मीठी भाषा व अलग सांस्कृतिक पहचान को कौन नहीं जनता| पर राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब के बारे में शायद कम ही लोग जानते है | राजस्थान के पूर्व राजाओं ,जागीरदारओं व राजपरिवार के लोगों के पीने के लिए अलग-अलग तरीकों से सूखे मेवों,फलों व […]

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