राणा प्रताप का सहयोगी मानसिंह सोनगरा

राणा प्रताप का सहयोगी मानसिंह सोनगरा

Mansingh Songra Chauhan of Pali History in Hindi पौष मास, वि.सं. 1600 में सुमेरगिरी युद्ध में पाली के चौहान शासक अखैराज सोनगरा के वीरगति प्राप्त करने के बाद उनका पुत्र मानसिंह सोनगरा पाली की गद्दी पर आसीन हुआ| मानसिंह भी अपने पिता अखैराज की तरह बड़ा वीर योद्धा हुआ| मानसिंह सोनगरा ने जहाँ महाराणा प्रताप […]

अखेराज सोनगरा चौहान

अखेराज सोनगरा चौहान

Akhairaj Songara Chauhan of Pali History in Hindi 1536 ई. में Rana Sanga के बड़े भाई राजकुमार पृथ्वीराज के दासी पुत्र बनवीर ने मेवाड़ के महाराणा विक्रमादित्य को मार कर मेवाड़ की सत्ता हथियाली थी| अखेराज सोनगरा चौहान बनवीर Banvir ने विक्रमादित्य के छोटे भाई उदयसिंह को भी मारने का प्रयास किया पर स्वामिभक्त पन्ना […]

पृथ्वीराज काल : दिल्ली की स्थिति

पृथ्वीराज काल : दिल्ली की स्थिति

यूँ तो इतिहासकारों की नजर में पृथ्वीराज चौहान के समय की अधिकांश बातें ही विवादास्पद हैं। उनमें से ही एक है दिल्ली की स्थिति। इसे लेकर कई मत प्रचलित है, जिनमें प्रमुख है चौहानों का दिल्ली पर शासन था। अधिकांश इतिहासकारों ने पृथ्वीराज चौहान को अन्तिम दिल्ली सम्राट, दिल्लीपति आदि आदि घोषित किया है। पृथ्वीराज […]

राव हम्मीर देव, चौहान

राव हम्मीर देव, चौहान

“याद हमें है हल्दीघाटी और हठी हमीर” राव हम्मीर देव चौहाण रणथम्भौर “रणतभँवर के शासक थे। ये पृथ्वीराज चौहाण के वंशज थे। इनके पिता का नाम जैत्रसिंह था। ये इतिहास में ‘‘हठी हम्मीर के नाम से प्रसिद्ध हुए हैं। जब हम्मीर वि.सं. १३३९ (ई.स. १२८२) में रणथम्भौर (रणतभँवर) के शासक बने तब रणथम्भौर के इतिहास […]

जालौर की हीरादे : राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण

जालौर की हीरादे : राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण

संवत 1368 (ई.सन 1311) मंगलवार बैसाख सुदी 5. को विका दहिया जालौर दुर्ग के गुप्त भेद अल्लाउद्दीन खिलजी को बताने के पारितोषिक स्वरूप मिली धन की गठरी लेकर बड़ी ख़ुशी ख़ुशी लेकर घर लौट रहा था| शायद उसके हाथ में इतना धन पहली बार ही आया होगा| चलते चलते रास्ते में सोच रहा था कि […]

शरणदाता के लिए सर्वस्व बलिदान कर दिया वीर मुहम्मदशाह ने

शरणदाता के लिए सर्वस्व बलिदान कर दिया वीर मुहम्मदशाह ने

अलाउद्दीन खिलजी की सेना गुजरात विजय से लौट रही थी रास्ते में गुजरात से लूटे धन के बंटवारे को लेकर उसके सेनानायिकों में विवाद हो गया | विवाद के चलते अलाउद्दीन का एक सेनानायिक पीर मुहम्मद शाह अपने भाइयों सहित बागी होकर रणथंभोर के इतिहास प्रसिद्ध शासक हम्मीरदेव के पास शरण हेतु चला गया | […]