ये विदेशी मुद्रा भी प्रचलन में थी कभी राजस्थान में

साइबेरिया, अल्जीरिया, बहरीन, ईराक, जॉर्डन, कुवैत, लीबिया, Tunisia, Macedonia आदि देशों में चलने वाली मुद्रा दीनार और आर्मेनिया में चलने वाली मुद्रा द्रम्म कभी विश्व के कई देशों के साथ राजस्थान की रियासतों में भी प्रचलन में थी| राजस्थान में उत्खनन में मुद्रा के रूप में विभिन्न आकृति व चिन्हों वाले सोने, चाँदी, तांबे के […]

वीर कथाएँ और प्रणय प्रस्ताव

वीर कथाएँ और प्रणय प्रस्ताव

भारत की वीरांगनाओं की हर युग में हसरत रही है कि उनका प्रणय किसी वीर पुरुष के साथ हो। भारतीय इतिहास में ऐसे उदाहरण भरे पड़े है, जब किसी वीरांगना ने किसी वीर की वीर गाथा सुन, मन में उसी को पति मान प्रणय का प्रस्ताव भेजा हो। भारत के मध्यकालीन इतिहास पर ही नजर […]

जोधा अकबर का सच : एक पुर्तगाली लेखक की कलम से..

जोधा अकबर का सच  : एक पुर्तगाली लेखक की कलम से..

Jodha Akbar ka Sach, Jodabai Rajput Nahi Putgali thi, Purtgali lekhak ka Dava मुगले आजम फिल्म में काल्पनिक तौर पर अकबर की बेगम का नाम जोधाबाई रख दिया और इस कथित जोधा बाई को आमेर के राजा भारमल की राजकुमारी बता दिया. फिल्म में जोधाबाई नाम प्रचारित होने के बाद यह इतिहास बन गया और […]

वीरता का प्रतीक समझा जाता था गणगौर लूटना

वीरता का प्रतीक समझा जाता था गणगौर लूटना

राजस्थान में गणगौर पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता रहा है| रियासत काल में गणगौर रियासत व शासक की प्रतिष्ठा से जुड़ी रही है, तो दूसरे की गणगौर को लूट लाना वीरों का शगल रहा है| वीर गणगौर को लूट कर लाने में अपनी आन, बान, शान व वीरता का प्रतीक समझते थे और जिसकी […]

कर्नल टॉड को राजस्थान का इतिहास लिखने की चुकानी पड़ी थी ये कीमत

कर्नल टॉड को राजस्थान का इतिहास लिखने की चुकानी पड़ी थी ये कीमत

कर्नल जेम्स टॉड ने राजस्थान का इतिहास लिखा। इसके लिए उसने अनेक प्रमाणिक संसाधन एकत्रित किये। जैसे पुराण, रामायण, महाभारत, अनेक राज्यों व राजवंशों की ख्यतें, पृथ्वीराजरासो, खुमाणरासो, हमिरारासो, रतनरासो, विजयविलास, जयविलास, सूर्यप्रकाश, हमीरकाव्य और ना जाने कितने क काव्य, नाटक, व्याकरण कोश, ज्योतिष, शिल्प, महात्म्य, जैन साधुओं द्वारा लिखित अनेक पुस्तकें, कई शिलालेखों का […]

इतिहास के आईने में राजस्थान का नामकरण

इतिहास के आईने में राजस्थान का नामकरण

आजादी से पूर्व राजस्थान के भूभाग पर विभिन्न राजपूत राजकुलों का शासन होने के कारण राजपूताना कहलाता था। राजपुताना शब्द मुगलकाल से ही प्रचलित था। इतिहासवेत्ता डा. रघुवीरसिंह सीतामऊ ने ‘राजस्थान के प्रमुख इतिहासकार उनका कृतित्व’ में लिखा है- भाग्य की यह अनोखी विडम्बना ही है कि जिस विधर्मी विजेता अकबर के प्रति राजस्थान में […]

बड़गूजर बनाम राघव द्वंद्व

बड़गूजर बनाम राघव द्वंद्व

Badgujar or Raghav, True History of badgujar kshtriya in Hindi वर्तमान में लगभग 30-35 वर्षों से बड़गूजरों का एक तथाकथित शिक्षित वर्ग अपने आपको ‘राघव कुल के रुप में प्रतिस्थापित करने की जटिल व्याधि से ग्रसित होता जा रहा है। सूर्यवंशियों के किसी भी कुल के व्यक्ति द्वारा अपने आपको ‘राघव’ या ‘रघुवंशी’ कहना या […]

अंग्रेज संधि से क्रुद्ध इस वीर ने कप्तान लुडलो पर तलवार से किया था वार

अंग्रेज संधि से क्रुद्ध इस वीर ने  कप्तान लुडलो पर तलवार से किया था वार

उस दिन जोधपुर का मेहरानगढ़ किला खाली करके अंग्रेजों को सुपुर्द करने का कार्य चल रहा था। किले के बाहर कर्नल सदरलैण्ड और कप्तान लुडलो अपने पांच-सात सौ सैनिकों के साथ किले पर अधिकार के लिए किला खाली होने का इंतजार कर रहे थ। किले के किलेदार रायपुर ठिकाने के ठाकुर माधोसिंह किला खाली करने […]

महन्त बाबा दिग्विजयनाथ, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर

महन्त बाबा दिग्विजयनाथ, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर

योगी आदित्यनाथ के उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद गोरखपुर का गोरक्षनाथ पीठ और वहां के महंतों को जानने की हर किसी में जिज्ञासा बढ़ी है। बहुत कम लोगों को पता है कि इस चर्चित, प्रसिद्ध पीठ पर मेवाड़ के महाराणा प्रताप के भाई के वंश में जन्में एक योगी भी महन्त पद पर […]

परमारों का विस्तार और आजादी के बाद परमार वंश

Parmar Kshatriya Rajvansh ka Itihas hindi me परमारों का विस्तार- उज्जैन छूटने के बाद परमारों की एक शाखा आगरा और बुलंदशहर में आई। उन्नाव के परमार मानते है कि बादशाह अकबर ने उन्हें इस प्रदेश में जागीर उनकी सेवाओं के उपलक्ष में दी। यहाँ से वे गौरखपुर में फैले। कानपुर, आजमगढ़ और गाजीपुर में परमार […]