शेखावाटी

शेखावाटी

लेखक : ठा.सौभाग्य सिंह शेखावत Thakur DeviSingh, Mandawa लोक जीवन और लोकमानस में वे ही पात्र गरिमामय स्थान प्राप्त कर सकते है जिनमें सामान्यजन से कुछ विशिष्टताएँ होती है अथवा अतिमानवीय गुण होते है। ऐसे चरित्र समाज में वंदनीय बनकर युग-युगान्तर तक अजर-अमर बने रहते है। वे लोकादर्श, लोक स्मरणीय और जनमानस के प्रेरणा स्त्रोत […]

जोधपुर का मंडोर उद्यान

जोधपुर का मंडोर उद्यान

राजस्थान के जोधपुर शहर से 9 km उत्तर दिशा में स्थित है जो पुराने समय में मारवाड़ राज्य की राजधानी हुआ करती थी| राव जोधा ने मंडोर को असुरक्षित मान सुरक्षा के लिहाज से चिडिया कूट पर्वत पर मेहरानगढ़ का निर्माण कर अपने नाम से जोधपुर नगर बसा मारवाड़ की राजधानी बनाया | वर्तमान में […]

रणथंभोर दुर्ग

रणथंभोर दुर्ग

रणथंभोर दुर्ग दिल्ली मुंबई रेल मार्ग के सवाई माधोपुर रेल्वे स्टेशन से १३ कि.मी. दूर रन और थंभ नाम की पहाडियों के बीच समुद्रतल से 481 मीटर ऊंचाई पर 12 कि.मी. की परिधि में बना है | रणथंभोर दुर्ग के तीनों और पहाडों में कुदरती खाई बनी है जो इस किले की सुरक्षा को मजबूत […]

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

हाड़ी रानी और उसकी सैनाणी ( निशानी )

अपने पिछले लेख ” बीच युद्ध से लौटे राजा को रानी की फटकार ” के आख़िर में मैंने एक ऐसी रानी का जिक्र किया था जिसने युद्ध में जाते अपने पति को निशानी मांगने पर अपना सिर काट कर भिजवा दिया था | यह रानी बूंदी के हाडा शासक की बेटी थी और उदयपुर (मेवाड़) […]

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

6 राजपुताना रायफल्स के हवलदार मेजर पीरु सिंह शेखावत झुंझुनू के पास बेरी गांव के लाल सिंह शेखावत के पुत्र थे जिनका जन्म 20 मई 1918 को हुआ था | जम्मू कश्मीर में तिथवाल के दक्षिण में इन्हे शत्रु के पहाड़ी मोर्चे को विजय करने का आदेश मिला | दुश्मन ने यहाँ काफी मजबूत मोर्चा […]

राव रायमल जी, अमरसर

घाटवा युद्ध में विजय के बाद राव शेखा जी के निधन उपरांत उनके सबसे छोटे पुत्र राव रायमल जी बेशाख सुदी 15 वि.सं. 1545 ई.सं. 1488 को अमरसर के विधिवत शासक बने,इनके राजतिलक के समय आमेर के जेस्ठ राजकुमार प्रथ्वीराज जी व भैराना के स्वामी नरु जी अमरसर पधारे थे |शेखा जी की वीर गति […]

महाराव शेखा जी ,परिचय एवं व्यव्क्तित्व

महाराव शेखा जी ,परिचय एवं व्यव्क्तित्व

राव शेखा का जन्म आसोज सुदी विजयादशमी सं १४९० वि. में बरवाडा व नाण के स्वामी मोकल सिंहजी कछवाहा की रानी निरबाण जी के गर्भ से हुआ १२ वर्ष की छोटी आयु में इनके पिता का स्वर्गवास होने के उपरांत राव शेखा वि. सं. १५०२ में बरवाडा व नाण के २४ गावों की जागीर के […]

राजस्थान में अंगरेजों का दखल

मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद भारत की राजनीति में जिस मराठा शक्ति का तेजी से प्रादुर्भाव हुवा उस शक्ति ने एक बार मुगलों के विरुद्ध प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समस्त भारत को झकझोर दिया | यधपि राजस्थान के राजवाडे मुगलों का मुकाबला करते करते ही शक्तिहीन हुए थे पर मराठो की धन लोलुपता ने […]

राव जोधा जी, जोधपुर

राव जोधा जी, जोधपुर

राव जोधा जी का जन्म भादवा बदी 8 सं. 1472 में हुवा था | इनके पिता राव ridmal मारवाड़ के शासक थे, मेवाड़ का शासन कार्य भी इनकी सहमति से चलता था अतः मेवाड़ के कुछ सरदार इनसे अप्रसन थे और इन्होने मेवाड़ नरेश महाराणा कुम्भा व उनकी माता सोभाग्य देवी को राव रिदमल जी […]

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