शेरशाह सूरी ने ब्राह्मण मंत्री की सहायता से छल से कब्जाया था यह किला

शेरशाह सूरी और उसके ब्राह्मण मंत्री चूड़ामणि ने धोखे से रोहतासगढ़ किले से हिन्दू शासन खत्म कर उसकी जगह मुस्लिम शासन की स्थापना की थी|

शेरशाह सूरी ने ब्राह्मण मंत्री की सहायता से छल से कब्जाया था यह किला

सदियों से हिन्दू राजाओं के अधिपत्य में रहा सुदृढ़ रोहतासगढ़ जो पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार था, 16 वीं सदी में मुस्लिम शासक शेरशाह सूरी ने अपने अधीन कर लिया। बंगाल के शासक इब्राहीम खान को हराकर शेरशाह सूरी पूरे बिहार और आस-पास के क्षेत्र का अधिपति बन बैठा था। शक्तिशाली बनने के बाद शेरशाह […]

राम के पुत्र कुश के वंशजों ने किया था इस किले का निर्माण

राम के पुत्र कुश के वंशजों ने किया था इस किले का निर्माण

रोहतासगढ़ किले से सम्बन्धित 12 वीं सदी से पहले का कोई शिलालेख तो नहीं मिलाता, लेकिन विभिन्न इतिहासकारों के मुताबिक इस किले पर कभी कछवाह क्षत्रिय वंश का शासन था और इसी वंश के रोहिताश्व ने इस किले का निर्माण करवाया था। रोहिताश्व के नाम पर इस किले का नाम रोहतासगढ़ पड़ा। इतिहासकार देवीसिंह मंडावा […]

Raja Hanuwant Singh Bisen of Kalakankar

Raja Hanuwant Singh Bisen of Kalakankar

 Raja Hanuwant Singh Bisen of Kalakankar  Freedom fighter                                                              अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने में कालाकांकर रियासत का भी अपना एक इतिहास है। […]

राम प्यारी रो रसालो -3

राम प्यारी रो रसालो -3

राम प्यारी रो रसालो पिछले भाग से आगे…………. सोमचंद गाँधी होशियार था उसने सभी कार्यों पर काबू पा लिया| सोमचंद गाँधी और मोहकमसिंहजी शक्तावत ने विचार किया| कि-” मेवाड़ के बहुत सारे परगनों को मराठों ने दबा रखा है जो अपनी इज्जत और धन दोनों के लिए घातक है| इन परगनों को वापस लेना चाहिये|” […]

राम प्यारी रो रसालो – भाग -2

पिछला का शेष….. बाईजीराज चिंता में पड़ गए- “किसको ओळ में रखूं ? और किसी को ओळ में रखे बिना सिंधी मानने वाले नहीं|” बाईजीराज के पास ही उनके छोटे पुत्र भीमसिंघजी जो उस समय मात्र छ: वर्ष के थे बैठे ये सब सुन रहे थे| उनके दूध के दांत भी नहीं टूटे थे| उन्होंने […]

चौहन वंश अग्निवंशी या सूर्यवंशी

चौहन वंश अग्निवंशी या सूर्यवंशी

Chauhan Kshtriya vansh Agnivanshi or Suryavanshi सोशियल साइट्स पर अक्सर चर्चा होती है कि चौहान अग्निवंशी है सूर्यवंशी? इतिहासकारों के अनुसार “जब वैदिक धर्म ब्राह्मणों के नियंत्रण में आ गया और पंडावाद बढ़ गया तब बुद्ध ने इसके विरुद्ध बगावत कर नया बौद्ध धर्म चलाया तब लगभग क्षत्रिय वर्ग वैदिक धर्म त्यागकर बौद्ध धर्मी बन […]

राजपूत स्त्रियों की सामाजिक स्थिति और उनके गुण

शत्रु से अपने सतीत्व की रक्षा के निमित हजारों राजपूत महिलाएं निर्भयता के साथ जौहर की धधकती हुई आग में जलकर भस्मीभूत हो गई, जिनके ज्वलंत उदाहरण चित्तौड़ की राणी पद्मनी और कर्मवती,चांपानेर के पताई रावल (जयसिंह) की राणियां, जैसलमेर के रावल दूदा की रमणियां आदि अनेक हैं,

राजपूत स्त्रियों की सामाजिक स्थिति और उनके गुण

राजपूत समाज में स्त्रियों का बड़ा आदर होता रहा और वे वीर पत्नी और वीरमाता कहलाने में अपना गौरव मानती थी। उन वीरांगनाओं का पातिव्रत धर्म, शूरवीरता और साहस भी जगद विख्यात है। इनके अनेक उदाहरण इतिहास में पाये जाते हैं, उनमें से थोड़े से यहां उद्धृत करते हैं- चौहान राजा पृथ्वीराज ने जब महोबा […]

औरंगजेब की धर्म विरोधी नीतियों का खण्डेला के राजा बहादुरसिंह ने किया था विरोध

औरंगजेब की धर्म विरोधी नीतियों का खण्डेला के राजा बहादुरसिंह ने किया था विरोध

Raja Bahadur Singh, Khandela : खण्डेला के राजा वरसिंहदेव के निधन के बाद वि.सं. 1720 में उनके ज्येष्ठ राजकुमार बहादुरसिंह खण्डेला की राजगद्दी पर आसीन हुए| राजा वरसिंहदेव का ज्यादातर समय शाही सेना के साथ दक्षिण में बिता था अत: उनकी अनुपस्थिति में खण्डेला राज्य का प्रबंधन राजकुमार बहादुरसिंह के ही हाथों में लंबे समय […]

दहिया राजवंश : Dahiya Rajput Rajvansh

दहिया राजवंश : Dahiya Rajput Rajvansh

ठाकुर बहादुरसिंह बीदासर ने लिखा है कि पहले दहिया राजवंश वाले पंजाब में सतलज नदी पर थे। ऐसा माना जाता है कि उस समय ये गणराज्य के रूप में थे। वहाँ से ये सतलज नदी के पश्चिम में भी फैले। यह माना जाता है कि सिकन्दर के आक्रमण के समय ये वहीं थे। वहाँ इन्होंने […]

खांडा विवाह परम्परा ना मानना भारी पड़ा था इस नगर को

हमारा देश विभिन्न धर्मों, जातियों, समुदायों, पंथो व संस्कृति वाला देश है| देश के विभिन्न हिस्सों व जाति, धर्मों में विभिन्न परम्पराओं का प्रचलन है| इन परम्पराओं का कहीं कड़ाई से तो कहीं प्रतीकात्मक प्रचलन है| अपने आपको विकासशील मानने वाले कई लोग अपने समुदायों में चलने वाली परम्पराओं को रुढी, कुरीति मानते है और […]

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