चाटू

चाटू

राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार श्री सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से …… घणा लोग चाटू (Chatu) नै कोरौ लाकड़ी रौ टुचकलौ, रूख रौ छांग्यौ-छोल्यौ, ठूंठियौ, खाती रा रंदा सूं रांद काटियोड़ौ रसोवड़ा रौ राछ, तरकारी तीवण रौ रमतियौ, हांडी रौ हम्मीर, चूला रौ चांद नै बांठ बोझा खेजड़ी कैर रौ जळमियौ-जायौ इज मानै। उणरा […]