जब राजा मानसिंह आमेर ने लंका विजय की ठानी

जब राजा मानसिंह आमेर ने लंका विजय की ठानी

Raja Mansingh Amer History in Hindi अफगानिस्तान के जिन कबीलों को वर्तमान विश्व महाशक्ति अमेरिका और सोवियत रूस अपने अत्याधुनिक हथियारों के बल पर हराना तो दूर, झुका तक नहीं सके, उन्हीं अफगानिस्तान के शासकों, कबीलों को आमेर के Raja Man Singh ने नाकों चने चबवा दिए थे| सन 1585 में काबुल के शासक मिर्जा […]

भूसे में हिस्सा लेने वाले मीणा राजा का पतन

भूसे में हिस्सा लेने वाले मीणा राजा का पतन

1952 के पहले चुनावों में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने राजाओं की लोकप्रियता से कांग्रेसी उम्मीदवारों की चुनावी हार के डर से राजाओं को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए स्पष्ट चेतावनी वाला व्यक्तव्य दिया कि – यदि राजा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ खड़े हुए तो उन्हें अपने प्रिवीपर्स (हाथखर्च) और विशेषाधिकारों से हाथ […]

जब पशु बलि राज्य खोने का कारण बनी

जब पशु बलि राज्य खोने का कारण बनी

पशु बलि की परम्परा क्षत्रियों में कब शुरू हुई, क्या क्षत्रिय प्राचीन काल से मांसाहारी थे? क्षत्रियों में अपनी कुलदेवी के लिए पशु बलि देने व शराब चढाने की परम्परा कब शुरू हुई यह शोध का विषय है| लेकिन क्षत्रिय चिंतकों व विद्वानों के अनुसार क्षत्रियों में पशु बलि व मदिरा चढाने की पूर्व में […]

राजा मानसिंह द्वारा वाराणसी में निर्मित मानमंदिर व घाट

राजा मानसिंह द्वारा वाराणसी में निर्मित मानमंदिर व घाट

Man Mandir Varansi आमेर के राजा मानसिंह ने देश के विभन्न भागों में बहुत से मंदिरों का निर्माण करवाया व कई मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया, हरिद्वार में हर की पौड़ी बनवाई| अपने इसी धार्मिक क्रियाकलापों की श्रंखला में राजा मानसिंह ने वाराणसी में एक मंदिर और घाट बनवाया, जिसे मानमंदिर के नाम से जाता है […]

राजा मानसिंह आमेर और सनातन धर्म

राजा मानसिंह आमेर और सनातन धर्म

आमेर के इतिहास प्रसिद्ध राजा मानसिंह सनातन धर्म के अनन्य उपासक थे. वे सनातन धर्म के सभी देवी और देवताओं के भक्त थे व स्वधर्म में प्रचलित सभी सम्प्रदायों का समान रूप से आदर करते थे| उनकी धार्मिक आस्था पर भले ही समय समय पर किसी सम्प्रदाय विशेष का प्रभाव रहा हो, पर वे हमेशा […]

मंदिरों पर पंचरंगा ध्वज और राजा मानसिंह आमेर

मंदिरों पर पंचरंगा ध्वज और राजा मानसिंह आमेर

किसी भी राजा या धर्म की ध्वजा उनके वर्चस्व, प्रतिष्ठा, बल और इष्टदेव का प्रतीक होता है। हर राजा, देश या धर्म की अपनी अपनी अलग अलग रंग की ध्वजा (झण्डा) होती है। सनातन धर्म के मंदिरों में भगवा व पंचरंगा ध्वज लहराते नजर आते है। भगवा रंग सनातन धर्म के साथ वैदिक काल से […]

अकबर – आमेर संधि के मायने

अकबर – आमेर संधि के मायने

अकबर के साथ आमेर के राजा भारमल द्वारा राजनैतिक संधि करने व बाद में उसके वंशजों द्वारा उसे निभाने को लेकर आज उस काल की परिस्थितियों को बिना समझे कई तरह की बातें की जाती है| कई अति कट्टर धार्मिक प्रवृति के लोग मुस्लिम शासकों की आलोचना करते समय आमेर के राजाओं का चरित्र हनन […]

कहाँ गया आपातकाल में खोदा जयगढ़ का खजाना ?

कहाँ गया आपातकाल में खोदा जयगढ़ का खजाना ?

Jaigarh ka Khajana, Khajane ka rahasy, Kahan gaya jaigarh ka khajana?, जयगढ़ के खजाने का रहस्य अक्सर सुनने को मिलता है कि आपातकाल में भारत सरकार ने जयपुर के पूर्व राजघराने पर छापे मारकर उनका खजाना जब्त किया था, राजस्थान में यह खबर आम है कि – चूँकि जयपुर की महारानी गायत्री देवी कांग्रेस व […]