उनके ऊंट की पूंछ पर लटकता था ब्रिटिश आर्मी का झन्डा

उनके ऊंट की पूंछ पर लटकता था ब्रिटिश आर्मी का झन्डा

सीकर जिले के पटोदा गांव के भूरसिंह शेखावत अति साहसी व तेज मिजाज रोबीले व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे उनके रोबीले व्यक्तित्व को देखकर अंग्रेजों ने भारतीय सेना की आउट आर्म्स राइफल्स में उन्हें सीधे सूबेदार के पद पर भर्ती कर लिया था| भूरसिंह शेखावत जो शेखावाटी में भूरजी के नाम से जाने जाते है […]

तांत्या टोपे की फांसी का सच

तांत्या टोपे की फांसी का सच

सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के चर्चित और महत्त्वपूर्ण नायक तांत्या टोपे के बारे में इतिहास में प्रचलित है कि- “तांत्या टोपे को उनके एक सहयोगी राजा मानसिंह कछवाह अंग्रेजों से मिल गये और तांत्या के साथ विश्वासघात कर उन्हें पकड़वा दिया। पकड़ने के बाद अंग्रेजों ने तांत्या टोपे को 18 अप्रैल सन 1859 को […]

एक क्रांतिकारी का ठाकुर जी प्रतिमा के आगे शस्त्र समर्पण

एक क्रांतिकारी का ठाकुर जी प्रतिमा के आगे शस्त्र समर्पण

26 अगस्त 1915 ई. को सलेमाबाद में निम्बार्क पीठ के राधा-कृष्ण के भव्य मंदिर को ए.जी.जी. राजपुताना के सैक्रेटरी और इंस्पेक्टर जनरल पुलिस मिस्टर केई ने नसीराबाद छावनी के 50 सैनिकों, पुलिस दल व किशनगढ़ राज्य के दीवान के नेतृत्व में आये घुड़सवारों के दल के साथ प्रात:काल से ही घेर रखा था. गढ़ीनुमा बने […]

दामोदर राठी : आजादी की लड़ाई के आर्थिक स्तम्भ

दामोदर राठी : आजादी की लड़ाई के आर्थिक स्तम्भ

बिलायती बनियों (अंग्रेज) के राज में देश के कई देशी बनियों (सेठों) ने अंग्रेजों के संरक्षण में अपने व्यापार का खूब प्रसार कर धन कमाया| उनके अंग्रेजों के साथ होने का ही कारण था कि ये सदैव क्रांतिकारियों के निशाने पर रहते थे| शेखावाटी के क्रांतिवीर डुंगजी जवाहर जी हो या बलजी भूरजी, इनका देशी […]