इतिहास के गौरव ठा. सुरजनसिंह शेखावत एक परिचय

इतिहास के गौरव ठा. सुरजनसिंह शेखावत एक परिचय

झाझड ग्राम के प्रथम वीर प्रतापी नर-रत्न ठा.श्री पृथ्वीसिंह शेखावत के कुल में जन्मे (दिनांक 23 दिसम्बर,1910) श्री सुरजनसिंह ने बाल्यकाल से ही अपने धर्मनिष्ठ पिताश्री ठा.गाढसिंहजी के श्री चरणों में बैठकर गीता पढना सिखा | आपकी रूचि आध्यात्म-चिंतन से जुड़ गयी और वह अध्यावधि जुडी हुई है | आनन्दाभूति के लिए यही आत्म-चिंतन आपका […]

खूड का संक्षिप्त इतिहास

शेखावाटी क्षेत्र का खूड ठिकाना सीकर जिले में जिला मुख्यालय से २७ किलोमीटर दूर सीकर डीडवाना (नागौर ) रोड पर स्थित है |आजादी से पूर्व यह क़स्बा जहाँ आस-पास के गांवों का प्रशासनिक केंद्र था वही आज यह क़स्बा आप-पास के गांवों के विद्यार्थियों का प्रमुख शिक्षा केंद्र होने के अलावा आस-पास के गांवों के […]

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

Thakur Mangal Singh, Khoor ठाकुर मंगल सिंह जी ,खुड

ठाकुर उदय सिंह जी के स्वर्गवास पर उनके एक मात्र पुत्र मंगल सिंह खुड जागीर के अधिपति बने| Thakur Mangal Singh ठाकुर मंगल सिंह जी का जन्म सन १९१२ में हुआ था और उनकी शिक्षा अजमेर के मेयो कालेज में हुई | ठाकुर मंगल सिंह जी राजस्थान में अपने प्रकार के अपने युग के एक […]

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

Paramveer Hawaldar Major Piru Singh Shekhawat

6 राजपुताना रायफल्स के हवलदार मेजर पीरु सिंह शेखावत झुंझुनू के पास बेरी गांव के लाल सिंह शेखावत के पुत्र थे जिनका जन्म 20 मई 1918 को हुआ था | जम्मू कश्मीर में तिथवाल के दक्षिण में इन्हे शत्रु के पहाड़ी मोर्चे को विजय करने का आदेश मिला | दुश्मन ने यहाँ काफी मजबूत मोर्चा […]

राजा रायसल दरबारी, खंडेला

राजा रायसल दरबारी, खंडेला

रायसल जी का जन्म महाराव शेखाजी की वंश परम्परा में अमरसर के शासक राव सुजाजी की रानी रतनकंवर राठौड़ के गर्भ से फाल्गुन बदी ८ वि. १५९५ को हुआ | राव सुजाजी की मृत्युपरांत रायसल को अपने भाइयों की तरह सात गांवों की जागीर मिली थी|* और वे अपनी जागीर के गांव लाम्या में वि.स. […]

स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर डूंगर सिंह व ठाकुर जवाहर सिंह (डूंगजी जवाहरजी)

स्वतंत्रता सेनानी  ठाकुर डूंगर सिंह व ठाकुर जवाहर  सिंह (डूंगजी जवाहरजी)

ठाकुर डूंगर सिंह व ठाकुर जवाहर सिंह शेखावत चचेरे भाई थे, डूंगर सिंह पटोदा के ठाकुर उदय सिंह व जवाहर सिंह बठोट के ठाकुर दलेल सिंह के पुत्र थे| ठाकुर डूंगर सिंह शेखावाटी ब्रिगेड में रिसालदार थे, अंग्रेजों द्वारा शेखावाटी क्षेत्र में “शेखावाटी ब्रिगेड” की स्थापना का उदेश्य शेखावाटी में शांति स्थापना के नाम पर […]

राव रायमल जी, अमरसर

घाटवा युद्ध में विजय के बाद राव शेखा जी के निधन उपरांत उनके सबसे छोटे पुत्र राव रायमल जी बेशाख सुदी 15 वि.सं. 1545 ई.सं. 1488 को अमरसर के विधिवत शासक बने,इनके राजतिलक के समय आमेर के जेस्ठ राजकुमार प्रथ्वीराज जी व भैराना के स्वामी नरु जी अमरसर पधारे थे |शेखा जी की वीर गति […]

श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -3

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – था कुदरत रो दिवाला,था कुदरत री जोत |के था कुदरत कोराणी,थारो उजलो गोत ||२२ मरुधर माटी मुलकरी,चितचधिया चतुरेश |गावे गीत गुमानिया,गावे गीत गणेश ||२३ हे नरपुंगव सरल चित,गौरव गावे गीत |हे मरुधर […]

श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -2

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – सस्ती सगुणी ओपती,सहज सरल साधार |शिक्षा देवन गांव में,खोल्या शिक्षा द्वार ||१३ ज्ञान बिना जीवन निफल,ज्ञान बिना के जात |ज्ञान बिना जनतंत्र के,थे समझी या बात ||१४ उन्नत शिक्षा नै सुगम,आप करी […]

श्री भैरों सिंह जी शेखावत की प्रशस्ति में- 1

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – शेखा-कुल रा लाडला,धाकड़ धुनी सुजान | उजला सूरज-कुल-रतन,भैरूं सिंघ मतिमान ||१ मरुधर-माटी री महक,जन-मन का सरदार | दीन-हीन-रक्षक सुधी,थे भारत-गल-हार ||२ भोग्यो जीवन गांव रो,देख्या घणा अभाव | पण सांचा अनथक पथिक,राख्यो […]