व्यापार ही नहीं शौर्य में भी कम ना रहे है बणिये

व्यापार ही नहीं शौर्य में भी कम ना रहे है बणिये

स्वाभिमान के मामले में समझौता करने वाले लोगों पर अक्सर लोग व्यंग्य कसते सुने जा सकते है कि- “बणिये की मूंछ का क्या ? कब ऊँची हो जाये और कब नीची हो जाय ?” राजस्थान में तो एक कहावत है –गाँव बसायो बाणियो, पार पड़े जद जाणियो” कहावत के जरिये बणिये द्वारा बसाये किसी गांव […]