भ्रष्टाचार की समाप्ति जन लोकपाल विधेयक से संभव ही नहीं

“कुँवरानी निशा कँवर”उच्च कोटि के सामाजिक कार्यकर्ता श्री अन्ना हजारे निश्चित रूप से साधु वाद के पात्र है !किन्तु आज की इस विषाक्त क्षीण एवं चहूं ओर से पतन पर पहुँची दयनीय व्यवस्था (शासन एवं प्रशासन ही नहीं बल्कि शिक्षा सहित समूचा तंत्र ) के लिए निश्चित रुप से पतन की पराकाष्ठा को पार कर […]