रानी ब्रजकुंवरी बांकावत की साहित्य साधना

महारानी ब्रजकुंवरी जिसे कहीं कहीं ब्रजदासी नाम से भी संबोधित किया है, जयपुर के लवाण ठिकाने के राजा सुरजराम की पुत्री थी| लवाण आमेर के राजा भगवंतदास के अनुज राजा भगवानदास की संतति परम्परा का ठिकाना था| लवाण परिवार सदैव से ही धार्मिक प्रवृति का रहा है| इस परिवार की कन्याएं बड़ी धर्म प्रवण और […]

राजपूत नारियों की साहित्य साधना : चंपादे भटियाणी

यह जैसलमेर के रावल मालदेव की पोत्री और रावल हरराज की राजकुमारी थी| रावल हरराज जैसलमेर के शासकों में बड़े साहित्य और कला प्रेमी शासक थे| उनके शासनकाल में राजस्थानी छंद शास्त्र के प्रसिद्ध ग्रंथ पिंगल सिरोमणि और श्रृंगार रस के काव्य ढोला मारू री चौपाई का सर्जन जैन मुनि कुशललाभ जी ने किया था| […]

राजपूत नारियों की साहित्य साधना

राजपूत नारियों की साहित्य साधना

भारतीय इतिहासकारों ने शासक जाति राजपूत नारियों के द्वारा शासन सञ्चालन में योगदान, युद्ध बेला में शत्रु सामुख्य जौहर तथा शाकों में आत्म-बलिदान और पति की मृत्यु पर चितारोहण कर प्राण विसर्जन करने आदि अति साहसिक कार्यों पर तो प्रकाश डाला है परन्तु उनके द्वारा सर्वसाधारण के हितार्थ किये गए विशिष्ट सेवा कार्यों की ओर […]

आखिर क्यों भारी है फैशन की दुनियां पर “राजपूती पारंपरिक पौशाकें” ?

आखिर  क्यों भारी है फैशन की दुनियां पर “राजपूती पारंपरिक पौशाकें” ?

ज्ञान दर्पण.कॉम पर पिछले लेख में पढ़ा कि- कैसे फैशन की दुनियां में नित नए डिजाईनस के परिधान आते है उसके बावजूद राजपूत महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली विशेष पारंपरिक “राजपूती पौशाक” का कोई मुकाबला नहीं है | आखिर क्यों भारी है फैशन की दुनियां में “राजपूती पारंपरिक पौशाकें” ? व्यक्ति के पहनावे से उसकी […]

आधुनिक फैशन पर भारी एक पारंपरिक महिला परिधान

आधुनिक फैशन पर भारी एक पारंपरिक महिला परिधान

फैशन की दुनियां में नित नए डिजाइन्स के परिधान आते है, लाखों फैशन डिजाईनर इस काम में जुटे रहते है| नई फैशन को प्रोमोट करने के लिए जगह-जगह फैशन शो आयोजित किये जाते है| टीवी पर प्रचार किया जाता है| परिधान निर्माता अपने परिधानों को फैशन ने बनाये रखने के लिए पूरी जद्दोजेहद करते है […]

नहीं बदलते राजपूत समाज में महिलाओं के सरनेम

नहीं बदलते राजपूत समाज में महिलाओं के सरनेम

हमारे देश में लगभग समुदायों में महिला का शादी के बाद सरनेम बदल जाता है, उसे अपने पिता के सरनेम से पति का सरनेम रखना पड़ता है| जिससे महिला की अपने खानदान की पहचान खत्म हो जाती है| पिछले दिनों हिंदुस्तान में भी इस सम्बन्ध में दो लेख पढ़ने को मिले- एक लेख में एक […]

खांडा विवाह परम्परा (तलवार के साथ विवाह)

खांडा विवाह परम्परा (तलवार के साथ विवाह)

राजस्थान के राजपूत शासन काल में राजपूत हमेशा युद्धरत रहते थे कभी बाहरी आक्रमण तो कभी अपना अपना राज्य बढ़ाने के लिए राजाओं की आपसी लड़ाईयां|इन लड़ाइयों के चलते राजपूत योद्धाओं को कभी कभी अपनी शादी तक के लिए समय तक नहीं मिल पाता था|कई बार ऐसे भी अवसर आते थे कि शादी की रस्म […]