राजपूत नारियों की साहित्य साधना

राजपूत नारियों की साहित्य साधना

भारतीय इतिहासकारों ने शासक जाति राजपूत नारियों के द्वारा शासन सञ्चालन में योगदान, युद्ध बेला में शत्रु सामुख्य जौहर तथा शाकों में आत्म-बलिदान और पति की मृत्यु पर चितारोहण कर प्राण विसर्जन करने आदि अति साहसिक कार्यों पर तो प्रकाश डाला है परन्तु उनके द्वारा सर्वसाधारण के हितार्थ किये गए विशिष्ट सेवा कार्यों की ओर […]

स्व. आयुवानसिंह शेखावत,हुडील : परिचय

स्व. आयुवानसिंह शेखावत,हुडील : परिचय

कुंवर आयुवानसिंह शेखावत नागौर जिले के हुडील गांव में ठाकुर पहपसिंह शेखावत के ज्येष्ठ पुत्र थे आपका जन्म १७ अक्टूबर १९२० ई.को अपने ननिहाल पाल्यास गांव में हुआ था|आपका परिवार एक साधारण राजपूत परिवार था|आपका विवाह बहुत कम उम्र में ही जब आपने आठवीं उत्तीर्ण की तभी कर दिया| शिक्षा व अध्यापन कार्य :- राजस्थान के […]

आदरणीय श्री भैरों सिंह जी को अश्रुपूरित श्रधांजलि

शेखा-कुल रा लाडला,धाकड़ धुनी सुजान | उजला सूरज-कुल-रतन,भैरूं सिंघ मतिमान ||१ मरुधर-माटी री महक,जन-मन का सरदार | दीन-हीन-रक्षक सुधी,थे भारत-गल-हार ||२ भोग्यो जीवन गांव रो,देख्या घणा अभाव | पण सांचा अनथक पथिक,राख्यो कर्मठ भाव ||३ राष्ट्र धरम ने पालियो,जस फैल्यो चौफेर | धन सेवा री मूर्ति,शेखावाटी शेर ||४ मरुधर रो मोती कथां,के मरुधर रो शेर […]

स्व. तनसिंह जी: एक अद्भभुत व्यक्तित्व का परिचय

स्व. तनसिंह जी: एक अद्भभुत व्यक्तित्व का परिचय

मैंने स्व.श्री तनसिंह जी के लिखे कई लेख इस चिट्ठे पर प्रस्तुत किए है आज मै श्री तनसिंह जी का संक्षिप्त परिचय आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ हालाँकि उनके अद्भुत व्यक्तित्व पर एक पुरी पुस्तक ही लिखी जा सकती है फ़िर भी मै अपने इस छोटे से लेख के माध्यम से स्व.पु.तनसिंहजी का परिचय […]

श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -3

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – था कुदरत रो दिवाला,था कुदरत री जोत |के था कुदरत कोराणी,थारो उजलो गोत ||२२ मरुधर माटी मुलकरी,चितचधिया चतुरेश |गावे गीत गुमानिया,गावे गीत गणेश ||२३ हे नरपुंगव सरल चित,गौरव गावे गीत |हे मरुधर […]

श्री भैरों सिंह शेखावत की प्रशस्ति में -2

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – सस्ती सगुणी ओपती,सहज सरल साधार |शिक्षा देवन गांव में,खोल्या शिक्षा द्वार ||१३ ज्ञान बिना जीवन निफल,ज्ञान बिना के जात |ज्ञान बिना जनतंत्र के,थे समझी या बात ||१४ उन्नत शिक्षा नै सुगम,आप करी […]

श्री भैरों सिंह जी शेखावत की प्रशस्ति में- 1

श्री भैरों सिंह जी शेखावत के जन हित कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्वान कवि डा. उदयवीर शर्मा द्वारा रचित कुछ दोहे – शेखा-कुल रा लाडला,धाकड़ धुनी सुजान | उजला सूरज-कुल-रतन,भैरूं सिंघ मतिमान ||१ मरुधर-माटी री महक,जन-मन का सरदार | दीन-हीन-रक्षक सुधी,थे भारत-गल-हार ||२ भोग्यो जीवन गांव रो,देख्या घणा अभाव | पण सांचा अनथक पथिक,राख्यो […]