राजस्थान रा इतिहास रौ वेदव्यास-नैणसी

राजस्थान रा इतिहास रौ वेदव्यास-नैणसी

ठाकुर सौभाग्यसिंह जी शेखावत की कलम से………… राजस्थान री धरती सूरां वीरां री कर्तव्य भौम, प्रेम रा पुजारियां री रंग-थळी, साध-संतां री साधना स्थळी नै जती-मुनियाँ री भ्रमण भौम रैयी है। जुद्ध अनै प्रेम, हिंसा नै अहिंसा, भौतिक नै आध्यात्मिक कमाँ रौ अैड़ौ अेक-दूजा सूं मेळ किणी बीजा भूखण्ड में नीं मिलै। मरुथळ रै नांव […]

मुंहणोंत नैणसीं : राजस्थान का पहला इतिहासकार मुंहता नैणसी

मुंहणोंत नैणसीं : राजस्थान का पहला इतिहासकार मुंहता नैणसी

राजस्थान का हर दुर्ग,किला,गढ़,गढ़ी,पहाड़,घाटी,दर्रे,व एक एक हथियार शौर्य व समृद्ध इतिहास से जुड़ा है | इतिहासकारों के अनुसार पुरे यूरोप में सिर्फ एक थर्मोपल्ली हुआ पर यहाँ के हर शहर,कस्बे,नदी घाटियाँ,खोह थर्मोपल्ली जैसे इतिहास से भरी पड़ी है | इतना वैभवशाली शौर्यपूर्ण इतिहास होने के बावजूद राजस्थान के इतिहास लेखन पर बहुत कण कार्य हुआ […]