कुछ किस्से गांव के भोले भाले ताऊओं के

ताऊ लोग हर क्षेत्र में मिलेंगे कुछ ताऊ तेज तर्रार होते है कुछ बड़े भोले भाले | गांवों में अक्सर ऐसे भोले भाले ताऊ अपनी हरकतों व कार्यकलापों से गांव वासियों की ठिठोली व मजाक के पात्र बनते रहते है और इस हंसी ठिठोली का खुद भी गांव वालों के साथ भरपूर लुफ्त उठाते है […]

ताऊ ने खोली गांव में स्कूल

ताऊ ने खोली गांव में स्कूल

ताऊ रामजीलाल के मन में समाज के भले के लिए कुछ करने की बड़ी तमन्ना थी लेकिन ताऊ किसी भी काम धंधे में कामयाब नहीं हो पा रहा था तो समाज सेवा कहाँ से करे फिर ताऊ कुछ पढ़ा लिखा भी बहुत कम था | किसी भी काम धंधे में कामयाब नहीं होने का कारण […]

ताऊ और एक करोड़ की लाटरी

अनाज मण्डी में अनाज बेचकर ताऊ जैसे ही बाहर निकला एक लाटरी बेचने वाला लड़का लाटरी का टिकट बेचने को ताऊ के पीछे लग लिया | ताऊ की लाटरी खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं थी लेकिन लड़का कहाँ मानने वाला था |लाटरी वाला :- ताऊ ये सिर्फ दस रूपये की टिकट सै , खरीद ले […]

सुधर जा वरना अठन्नी कर दूंगा

एक बनिया अपने इकलौते पुत्र से बहुत दुखी था | लड़का न तो दुकान पर कार्य करता न पढाई बस सारा दिन फिल्मे,टी .वी देखने व अपने दोस्तों के साथ मटरगस्ती करने में ही समय जाया करता था | बनिए द्वारा धमकाने व समझाने का उस पर कोई असर नहीं होता था | एक दिन […]

टका वाळी रौ ई खुणखुणियौ बाजसी

टका वाळी रौ ई खुणखुणियौ बाजसी = टका देने वाली का ही झुनझुना बजेगा | सन्दर्भ कथा — एक बार ताऊ मेले में जा रहा था | गांव में ताऊ का सभी से बहुत अच्छा परिचय था सो गांव की कुछ औरतों ने अपने अपने बच्चो के लिए ताऊ को मेले से झुनझुने व अन्य […]

ताऊ ने पीना छोड़ा

ताऊ ने पीना छोड़ा

उल्टे सीधे धंधो और राजनीती में कुछ कमाने के बाद ताऊ ने कई अन्य शौक पालने के अलावा शराब भी पीना शुरू कर दिया | अब ताऊ अपने दोस्त हरखू के साथ रोज अपने मकान की छत पर बने बगीचे में बैठ कर दारू पीने लगा | हरखू के साथ ताऊ की बड़ी अच्छी दोस्ती […]

ताऊ ने बनाया कुल्हाड़ी का हलवा

ताऊ ने बनाया कुल्हाड़ी का हलवा

ताऊ के पड़ोस के एक गांव में एक बहुत ही कंजूस बुढ़िया रहती थी | एक दिन ताऊ उसी गांव में अपने दोस्त जीवन खाती से मिलने गया | गांव के बहार बरगद के पेड़ के निचे उस गांव के कई लोगो की हथाई (आपसी बातचीत के लिए जुटी भीड़ )जुटी हुई थी और गांव […]

पगड़ी को भैंस खा गई

पगड़ी नै भैंस खायगी = पगड़ी को भैंस खा गई | सन्दर्भ कथा :- आज सुबह ताऊ के शनिवारीय खूंटे पर आपने पढ़ा कि कैसे ताऊ ने एक ईमानदार जज से भी हारने वाला केस जीत लिया|आज मै ताऊ के एक ऐसे ही मुकदमे का जिक्र कर रहा हूँ जिसकी सुनवाई करने वाली कचहरी का […]

हट जा ताऊ पाछे ने

शनिवार के खूंटे पर कालेज की छोरियों से आई एम् सोरी और मेन्शन नॉट बोलने के चक्कर में ताऊ ने खूब लितर (सैंडिल)खाए लेकिन फ़िर भी ताऊ कहाँ मानने वाला था आज जालतंत्र पर विचरण करते हुए मैंने गूगल बाबा से ताऊ के बारे में पूछा तो गूगल बाबा ने ताऊ के लिए मुझे यु […]

ताऊ और सेठ की कलम

ताऊ और सेठ की कलम

ताऊ- सेठ जी थांरी छुरी निचे पड़गी !सेठ- डोफा आ तो म्हारी कलम है !ताऊ- सेठ जी म्हारे गलै तो आ इज फिरी !एक बनिया बगल में बही दबाये और कान में कलम खोसे हुए , पीली पगड़ी पहने और मुछे नीची किए अपनी दुकान की और जा रहा था ! उसके पीछे एक भुक्त-भोगी […]